उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान।
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सीआईआई ने राज्य सरकार से मौजूदा उद्योगों की सुरक्षा और नए निवेश के लिए स्पष्ट औद्योगिक दृष्टि अपनाने का आग्रह किया है। यह मांग उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के साथ संवाद के दौरान उठाई गई। मंत्री ने नई औद्योगिक नीति शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इसे उद्योग जगत से परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। राज्य का फार्मा उद्योग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। उन्होंने उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था को राज्य की बड़ी ताकत बताया।
मंत्री ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक राज्य की उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था है, जो देश में सर्वश्रेष्ठ में गिनी जाती है। यही उद्योगों को यहां निवेश करने और विकास करने का विश्वास प्रदान करती है। सीआईआई ने मार्च 2026 में समाप्त हुई औद्योगिक नीति को तुरंत बढ़ाने की मांग की। संगठन ने नई नीति बनने तक निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई। प्राथमिकता वाले राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। दभोटा पुल का पुनर्निर्माण और चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन की प्रगति भी उठाई गई। ऊना में बल्क ड्रग पार्क के लिए स्पष्ट विकास रोडमैप तैयार करने की बात कही गई। सीआईआई ने व्यवसाय सुगमता के लिए डिजिटल अनुमोदन प्रणाली की मांग की। समयबद्ध स्वीकृतियां और विलंबित मामलों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया।