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Shimla Exam Cheating Case: खुलासा... नकल करने का बाकायदा अभ्यर्थियों को दिया था प्रशिक्षण; जानें पूरा मामला

Fri, 23 May 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Shimla Exam Cheating Case: शिमला में नवोदय भर्ती परीक्षा के दौरान 40 नकलची पकड़े गए थे। वहीं, मामले में कई खुलासे हो रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार पुलिस पूछताछ में अभ्यर्थियों ने तीन से चार ऐसे हैंडलरों के नामों का खुलासा किया है।
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अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नवोदय विद्यालय समिति के गैर-शिक्षण पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में नकल करवाने वाले गिरोह के तार हरियाणा, दिल्ली और उत्तरप्रदेश से जुड़ रहे हैं। पुलिस पूछताछ में अभ्यर्थियों ने तीन से चार ऐसे हैंडलरों के नामों का खुलासा किया है। आरोपियों ने बताया कि वह हैंडलर से पिछले कई महीनों से संपर्क में थे और बाकायदा उन्हें नकल करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया था।

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गिरोह ने नकल करवाने के लिए हाईटेक तरीके का इस्तेमाल किया है। पुलिस इन हैंडलर के जरिये जल्द नकल गिरोह के सरगना तक पहुंचने का दावा कर रही है। अभ्यर्थियों ने नकल करवाने के लिए 4 लाख से 16 लाख रुपये देने की बात कही है। पूछताछ में मिले साक्ष्यों के आधार पर पहली किस्त परीक्षा होने के बाद और फिर नौकरी पक्की होने के बात दी जानी थी। हालांकि, पुलिस आरोपियों के बैंक खातों को भी खंगाल रही है, जिससे पता लगाया जा सके कि नकल करवाने के लिए गिरोह से किसी प्रकार के पैसों का लेनदेन तो नहीं हुआ है। वहीं पुलिस ने अभ्यर्थियों के मोबाइल कब्जे में लेकर उन्हें जांच के लिए भेज दिया है।

मोबाइल के आधार पर हैंडलर और सरगना के बीच की कड़ी को जोड़ने के लिए पुलिस सबूत जुटा रही है। ई अभ्यर्थी अभी भी पुलिस पूछताछ में संतोषजनक जवाब न देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों का पुलिस अदालत से और रिमांड लेने की गुहार लगाएगी।

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यह है मामला
18 मई को जिला शिमला के कई परीक्षा केंद्रों में पुलिस ने 40 अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़ा है। पुलिस ने पांच एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी की अध्यक्षता में स्पेशल जांच दल का गठन किया गया है। यह परीक्षा देशभर के नवोदय विद्यालयों में स्टेनाेग्राफर, मेस हेल्पर, जेएसए, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, और अन्य विभिन्न नॉन टीचिंग पदों की भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। इसके तहत 1,377 पद भरे जाने हैं। जिस तरह से नकल गिरोह अभ्यर्थियों को नकल करवाने की कोशिश में था, उससे पेपर लीक होने की आशंका भी गहरा गई है। शिमला के साथ ही चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी इसी तरह से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये नकल करवाने का मामला सामने आया। वहीं परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों के बैठने की बात भी सामने आई है। इस एंगल पर भी पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है।
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