चैथला गांव में काटे जा रहे सेब के बड़े फलदार पौधे।
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कोटखाई उपमंडल के चैथला गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए चौथे दिन भी वन विभाग की कार्रवाई जारी रही। हाईकोर्ट के आदेशों पर विभाग ने चौथे दिन सेब के 450 पेड़ काटे। अभी तक चैथला गांव में 2,650 पौधे काटे जा चुके हैं। चैथला में बारिश के बीच वन विभाग की कार्रवाई आठ से दस घंटे चल रही है।
चैथला में करीब 38 सौ पेड़ों को काटा जाना है। कई लोगों ने सरकारी भूमि पर सेब के बगीचे तैयार किए हैं। चैथला के बाद क्षेत्र के दूसरे गांवों में इस तरह की कार्रवाई की तैयारी है। इधर, किसान सभा इस मुहिम के खिलाफ खड़ी हो गई है। पहले दिन ठियोग में बागवानों को बुलाकर रणनीति तय की गई। मंगलवार को जुब्बल के हाटकोटी में इसका विरोध किया गया। किसान सभा के चैथला तक पहुंचने की आशंकाओं को देखते हुए वहां पुलिस का पहरा कड़ा कर दिया गया है। पुलिस के करीब सौ जवान यहां पर डेरा डाले हुए हैं।
पुलिस के कड़े पहरे के बीच हो रही कार्रवाई
कोटखाई में वन भूमि को खाली करने के लिए दो स्थानों पर पुलिस का पहरा है। कोटखाई से कुछ दूरी पर चैथला संपर्क मार्ग पर एक टीम तैनात है। दूसरी टीम चमैथ में है। कोटखाई के चौथला गांव में चल रही कार्रवाई के बाद से चौपाल, जुब्बल, रोहडू, चिड़गांव में हजारों बीघा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के हाथ-पांव भी फूल गए हैं। अतिक्रमणकारी कई वर्षों से निशानदेही न होने के चलते सेब तोड़ते रहे। अब न्यायालय के सख्त आदेशों के बाद कार्रवाई चल रही है। एसडीएम कोटखाई मोहन शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेशों पर अमल किया जा रहा है। न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि वन विभाग की भूमि को तुरंत खाली किया जाए।
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