ख्रिमे ने यह भी दोहराया कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा चीन से नहीं, बल्कि आजाद तिब्बत से लगती है। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को भारत रत्न प्रदान करे। आरके ख्रिमे ने कहा कि तिब्बत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है, लेकिन चीन ने सैन्य बल के जरिए उस पर अवैध कब्जा कर रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी एवं पुनर्जन्म प्रक्रिया में चीन का कोई अधिकार नहीं है। ख्रिमे ने बताया कि तिब्बती धार्मिक सम्मेलन और बौद्ध धर्मावलंबी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चयन पारंपरिक पद्धति से गादेन फोडरंग ट्रस्ट द्वारा ही किया जाएगा।