घरेलू खेल प्रतियोगिताओं में हमेशा हिमाचल प्रदेश का ही प्रतिनिधित्व किया: रितु
उन्होंने आगे सवाल किया कि मैं भारतीय रेलवे में कार्यरत हूं, लेकिन घरेलू खेल प्रतियोगिताओं में हमेशा हरियाणा के बजाय हिमाचल प्रदेश का ही प्रतिनिधित्व किया है। शिलाई में मौजूद रितु के पिता भवन सिंह नेगी ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या कोई लड़की दूसरे राज्य में शादी कर लेने से अपने मायके (गृह राज्य) की बेटी नहीं रह जाती। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी रितु शादीशुदा थीं, तब हिमाचल सरकार ने उन्हें नकद पुरस्कार दिया था, तो इस बार भेदभाव क्यों। शिलाई के पूर्व भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता बलदेव सिंह तोमर ने कहा कि शादी का बहाना बनाकर नाम काटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार तुरंत अपना फैसला बदले।
सीएम से मिली थीं पुष्पा, ज्योति और भावना
सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की रहने वाली रितु नेगी की शादी हरियाणा के पानीपत में हुई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दूसरे राज्य में शादी होने के तर्क को आधार बनाकर अंतिम समय में उनका नाम एक-एक करोड़ की सूची से हटा दिया गया है। दूसरी ओर इस पूरे विवाद पर खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि वह जल्द ही इस मामले की फाइल का रिव्यू करेंगे और मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ चर्चा करेंगे। बता दें, 5 अक्तूबर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एशियाई खेलों में देश का नाम रोशन करने वाली हिमाचल की तीन महिला कबड्डी खिलाड़ियों पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर के साथ-साथ महिला क्रिकेटर रेणुका ठाकुर के लिए एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की थी। रितु नेगी पर उन्होंने बाद में विचार करने की बात कही थी। इससे पहले सरकार ने सभी चार कबड्ड़ी खिलाड़ियों को 33-33 लाख रुपये देने की घोषणा की थी।