बताया कि ईडी की टीम जांच में उनकी सहायता कर रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार 25 से 28 अप्रैल तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 4-5 कथित आईपीएस अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान आरोपियों ने ईडी के चिह्न वाले कई दस्तावेज भेजे जिनमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सरकारी निर्देश होने का दावा किया गया। 27 अप्रैल को ठगों ने शिकायतकर्ता से उनकी संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी मांगी और जांच पूरी होने तक संपत्ति और राशि सरकार के पास गिरवी रखने के लिए कहा। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के दो दिन के भीतर राशि वापस खाते में भेज दी जाएगी। शिकायतकर्ता ने आरटीजीएस के माध्यम से 16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।