विशेषज्ञ बोले, रोकथाम का समय उपयुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सर्दियों से पहले तेज धूप और दिन के समय तापमान बढ़ने के कारण सेब के बगीचों में वूली एफिड कीट ने बागवानों के लिए चिंता खड़ी कर दी है। यह कीट सेब के पेड़ों की टहनियों में रुई जैसी फफूंद जमा करता है और धीरे-धीरे पेड़ को नुकसान पहुंचाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय वूली एफिड पर नियंत्रण के लिए सबसे उपयुक्त है। बारिश के बाद यह कीट मिट्टी में चले जाते हैं और गर्मी बढ़ने पर अगले साल बाहर निकलते हैं। बागवानों ने बताया कि सेब के बगीचों में वूली एफिड लगातार बढ़ रहा है, जिससे पौधों की छाल और बीमे को गंभीर नुकसान हो रहा है। सर्दियों में यह कीट पेड़ों की जड़ों के बीच शरण ले लेता है। जड़ों में इसके संक्रमण से गांठे बन जाती हैं। विशेष रूप से ऊंचाई वाले इलाकों में यह बीमारी अधिक पाई जाती है, जिससे बागवानों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ ने बताया कि इस मौसम में वूली एफिड कीट पर नियंत्रण करना आसान है। फल तुड़ान के बाद बागवान विभाग द्वारा अनुमोदित स्प्रे का उपयोग कर कीट की रोकथाम कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान में नियंत्रण नहीं किया गया तो सर्दियों में यह मिट्टी में चले जाएंगे और गर्मियों में फिर तेजी से फैलने लगेंगे।