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Rampur Bushahar News: सेब पर मौसम की मार, 70-80 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका

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चौपाल, कुपवी के मध्यम और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवान चिंतित
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बेमौसमी ठंड, लगातार बारिश और फ्लावरिंग के वक्त बर्फबारी ने तोड़ी कमर
75 प्रतिशत फसल नष्ट होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल और कुपवी के मध्यम और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस वर्ष सेब उत्पादन को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई है। बेमौसमी ठंड, लगातार बारिश और फ्लावरिंग के दौरान हुई बर्फबारी ने बागवानों की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है। मौसम की अनिश्चितता ने न केवल फसल को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र की बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था पर भी संकट खड़ा कर दिया है।
बागवानी विभाग चौपाल के विषय विशेषज्ञ सुरेंद्र जस्टा के अनुसार, कम ऊंचाई वाले इलाकों में फ्लावरिंग के समय अचानक तापमान में भारी गिरावट और करीब एक सप्ताह तक जारी ठंड के कारण लगभग 75 प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में इस वर्ष औसत उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही मिलने की संभावना है।
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स्थिति को और गंभीर बनाते हुए परागण प्रक्रिया भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। बागवानों की ओर से पॉलिनेशन के लिए लाई मधुमक्खियां अत्यधिक ठंड सहन नहीं कर सकीं, जिससे बड़ी संख्या में वे मर गईं। इसके चलते फूलों में फल बनने की प्रक्रिया बाधित हो गई है, जो उत्पादन में भारी गिरावट का प्रमुख कारण बन रही है।
मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। यहां फ्लावरिंग का अंतिम चरण चल रहा है, लेकिन शुरुआती मौसम के प्रतिकूल प्रभाव के कारण अब केवल 30 प्रतिशत फसल की ही उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी कुछ उम्मीद बनी हुई है, बशर्ते आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल बना रहे।
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निचले और मध्यम बेल्ट के बागवानों को इस वर्ष 70 से 80 प्रतिशत तक उत्पादन में कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर बागवानों की आय के साथ-साथ मजदूरों, व्यापारियों और परिवहन से जुड़े लोगों की आजीविका पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम की अनिश्चितता इसी तरह बनी रही, तो आने वाले वर्षों में बागवानी क्षेत्र के सामने और भी गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में किसानों के लिए वैकल्पिक फसलों, आधुनिक प्रबंधन तकनीकों और सरकारी सहायता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
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