राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर उचित कार्रवाई करने की उठाएंगे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार अत्याचार किए जा रहे हैं। पड़ोसी देश में आज जो हो रहा है, वह कल यहां भी हो सकता है। यदि समय रहते सभी लोग सचेत नहीं हुए तो मामला काफी बिगड़ सकता है। यह बात हिंदू रक्षा मंच रामपुर के संयोजक विनय शर्मा ने कही। रामपुर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की बैठक हिंदू रक्षा मंच के बैनर तले हुई। बैठक को संबोधित करते हुए संयोजक विनय शर्मा ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर नरसंहार, अत्याचार, दुष्कर्म और मंदिरों में हमलों के विरोध में 18 दिसंबर को रामपुर में आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा। हिंदू रक्षा मंच रामपुर के बैनर तले होने वाले इस प्रदर्शन में आम समाज से सैकड़ों लोग भाग लेंगे। एसडीएस रामपुर के माध्यम से ज्ञापन भेजा जाएगा। मुख्य बाजार रामपुर पुरोहित मंदिर में एकत्रित होकर प्रदर्शन और रैली निकली जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति जघन्य अपराध और हिंसा जारी है। उनके घर, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और धार्मिक स्थलों को क्षति पहुंचाकर दिनदहाड़े लूटा जा रहा है। उनकी जघन्य हत्याएं की जा रही हैं। मां, बहनों की अस्मत लूटी जा रही है, लेकिन वहां की सरकार इन अपराधों का दमन करने की बजाय मूकदर्शक बनकर बैठी है। अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। जो हिंदू नौकरी कर रहे हैं, उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जबरन धर्मांतरण की कोशिशें की जा रही हैं। ऐसा घटनाक्रम काफी चिंतनीय हैं। गुंडाराज चल रहा है। पुलिस प्रशासन भी कुछ नहीं कर रहा है। सारे हिंदू समाज को आगे आकर काम करना होगा। वहीं, बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार साझा किए। इस मौके पर देव समाज के अध्यक्ष प्यारे लाल नेगी, सर्वहितकारी व्यापार मंडल रामपुर के अध्यक्ष तन्मय शर्मा, हिंदू रक्षा मंच सह संयोजक सीमा मांटा, महिला संयोजक अनिता, सुरेश मेहता, बिशना भंडारी, प्रोमिला, नरेश चौहान, शीश कुमार, अश्वनी सोनी, रविकांत, शिवकुमार सहित कई अन्य मौजूद रहे।
राष्ट्रपति को भेजा जाएगा ज्ञापन
विनय शर्मा ने कहा कि रैली के बाद एसडीएम रामपुर के माध्यम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। इसके माध्यम से भारत सरकार की ओर से इस विषय पर बांग्लादेश सरकार और मानवाधिकार आयोग से तुरंत उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई जाएगी। मंच ने सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों के अलावा अन्य सभी संगठनों से रैली में भाग लेने का आह्वान किया है।