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एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना के कार्यों को समय रहते करें पूरा

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उपायुक्त और परियोजना सलाहकार समिति किन्नौर के अध्यक्ष आबिद हुसैन सादिक बैठक की अध्यक्षता करते ह - फोटो : RAMPUR-HP
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। उपायुक्त और परियोजना सलाहकार समिति किन्नौर के अध्यक्ष आबिद हुसैन सादिक की अध्यक्षता में एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना की बैठक हुई। बैठक में जनजातीय उपयोजना के तहत वर्ष 2021-22 में 30 सितंबर 2021 को समाप्त तिमाही के दौरान विभागों की ओर से जनजातीय क्षेत्र विकास योजना के तहत किए कार्यों की समीक्षा की गई। वहीं इस दौरान वर्ष 2022-23 के प्रस्तावित जनजातीय उपयोजना के वार्षिक योजना प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई।
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सादिक ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि जनजातीय क्षेत्र विकास योजना के तहत स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा करें ताकि जिले के लोग इससे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि पहली तिमाही में बजट का 60 प्रतिशत व्यय किए जाने का लक्ष्य था। से इअधिकतर विभागों ने पूरा कर लिया है। उन्होंने ऐसे विभागों जिन्होंने लक्ष्य पूर्ण नहीं किया को निर्धारित लक्ष्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेने और लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि परियोजना सलाहकार समिति का गठन लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की विकासात्मक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया है। सभी अधिकारियों को प्रयास करने चाहिए कि वे निर्धारित बजट का सही प्रकार प्रयोग कर लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाएं। बैठक में वर्ष 2022-23 के वार्षिक जनजातीय विकास योजना के प्रस्तावित बजट प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई जो वर्ष 2022-23 के लिए 140 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। बैठक में वर्ष 2021-22 के दौरान स्वीकृत नाभिक बजट 60 लाख रुपये का भी अनुमोदन किया गया तथा विकास में जनसहयोग के तहत 80 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई।
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बैठक में 5 फरवरी 2021 को आयोजित परियोजना सलाहकार समिति की बैठक में स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई।
सदस्यों द्वारा रखे प्रस्ताव पर गंभीरता से चर्चा की गई। संबंधित योजनाओं के बारे में विभागाध्यक्षों द्वारा सदस्यों को जानकारी दी गई। बैठक में जनजातीय क्षेत्र के लिए स्वीकृत बजट में से 68 प्रतिशत तक बजट को ईयरमारक्ड करने पर चिंता व्यक्त की गई। गैर सरकारी सदस्यों ने सर्व सहमति से निर्णय लिया कि जनजातीय क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए बजट को ईयरमारक्ड न किया जाए, ताकि क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार राशि को विकासात्मक कार्यों पर व्यय किया जा सके।
बैठक में विधायक और परियोजना सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी, पूर्व विधायक तेजवंत सिंह नेगी और परियोजना सलाहकार समिति के गैर सरकारी सदस्यों ने सुझाव दिए। इस मौके पर पंचायतों के जनप्रतिनिधि और विभागाधिकारी मौजूद रहे।
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