रोहडू। भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर नगर परिषद रोहडू का आलीशान कार्यालय और पार्किंग बनाई गई है। नगर परिषद के इस कार्यालय में अवैध भवन निर्माण करने वाले आम लोगों पर कार्रवाई भी होती है। शहर में आम लोगों के भवन निर्माण होने के बाद बिजली-पानी के एनओसी भी इसी कार्यालय से जारी होते है। लोक निर्माण विभाग सहित करीब एक दर्जन प्रभावशाली लोग भी मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर कब्जेदार हैं। नगर परिषद, लोनिवि सहित दर्जन भर लोगों को भीमा काली मंदिर ट्रस्ट शीघ्र कब्जे छोड़ने के नोटिस थमाने की तैयारी में है।
रोहडू में भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट की भूमि की कई सालों से अवैध तरीके से खरीद फरोख्त होती रही। कुछ लोगों ने कम दाम पर भूमि खरीद कर आलीशान भवन खडे़ कर दिए। छह लोगों के खिलाफ प्रदेश उच्च न्यायालय में बेदखली के मामले विचाराधीन हैं। चार लोगों की बेदखली के मामले के आदेश दो दिन पहले एसडीएम रोहडू की अदालत ने किए हैं। इसके अलवा करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ अभी कार्रवाई होना बाकी है। इस भूमि के सौदे, उसके बाद उस पर बने भवनों को बिजली-पानी मिलना कई विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खडे़ कर रहा है। मंदिर ट्रस्ट की सक्रियता के बाद कब्जा धारकों के अब हाथ-पांव फूलने लगे हैं।
नगर परिषद रोहडू के अध्यक्ष राधेश्याम का कहना है कि नगर परिषद का कार्यालय उनके कार्यकाल से पहले का बना हुआ है। उन्होंने कहा भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट की ओर से उनको अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा नोटिस मिलने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है।
भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट के अधिकारी बालक राम नेगी ने कहा कि नगर परिषद रोहडू, लोक निर्माण विभाग सहित करीब दस लोग अभी मंदिर ट्रस्ट के कब्जेदार हैं। इनको कब्जा छोड़ने के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा छह लोगों के खिलाफ प्रदेश उच्च न्यायालय में मामले विचाराधीन हैं। चार लोगों की बेदखली के आदेश दो दिन पहले एसडीएम रोहडू ने किए हैं। उन्होंने कहा ट्रस्ट कब्जे छुड़ाने के लिए हर कदम उठा रहा है।