तीन हजार की आबादी वाली पंचायत सचिव के अभाव में परेशान
मनरेगा और 15वें वित्त आयोग के काम अधर में
डेपुटेशन पर सचिव भेजने से नहीं हो रहा स्थायी समाधान
ग्रामीण बोले- सरकार शीघ्र करे स्थायी नियुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की पर्यटन नगरी सांगला पंचायत में बीते छह माह से सचिव का पद रिक्त पड़ा है। बिना सचिव पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार और पंचायतीराज विभाग की अनदेखी हजारों ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है।
गौरतलब है कि सांगला पंचायत में पिछले छह माह से सचिव की स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके चलते पंचायत के विकास कार्यों को गति नहीं मिल पा रही। करीब तीन हजार की आबादी वाली पंचायत सचिव के अभाव में परेशानियों से जूझ रही है। विभाग द्वारा डेपुटेशन पर सचिव को तो भेजा जा रहा है, लेकिन स्थायी नियुक्ति न होने के कारण पंचायत और ग्रामीणों के कई विकास कार्य अधूरे रह जाते हैं। पंचायत के मनरेगा और 15वें वित्त आयोग सहित आम जनता के कार्यों को अमलीजामा पहनाना मुश्किल हो रहा है।
यह चुनावी वर्ष है, ऐसे में यदि समय रहते ग्रामीणों के कार्य पूरे नहीं हुए तो उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ेगा। सचिव की स्थायी नियुक्ति न होने से ग्रामीणों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। विकास की राह देख रहे सांगला वासियों ने प्रदेश सरकार और पंचायतीराज विभाग से समस्या का शीघ्र समाधान कर पंचायत सचिव की नियुक्ति करने की मांग की है।
ग्राम पंचायत प्रधान सांगला देवसांकी नेगी, उप प्रधान लोकेश नेगी, वार्ड सदस्य सरमुख सिंह नेगी, उपेंद्र नेगी, कमलेश कुमारी नेगी ने कहा कि सचिव की स्थायी नियुक्ति न होने से पंचायतों के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। डेपुटेशन के चलते सरकारी कार्य ही पूरे नहीं हो पा रहे, ऐसे में आम लोगों के कार्य कैसे पूरे होंगे।
जिला पंचायत अधिकारी संजय तोमर ने बताया कि सांगला पंचायत में रिक्त सचिव के पद की जानकारी उच्चाधिकारियों को समय-समय पर दी जा रही है। लोगों की सुविधा को देखते हुए कामरू पंचायत के सचिव को डेपुटेशन पर भेजा गया है।