एनएचएआई 53 करोड़ की लागत से सुरक्षा कार्यों को देगा अंजाम
किन्नौर, काजा सहित देश विदेश के सैलानियों को मिलेगी सुरक्षित सफर की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)।
किन्नौर जिले के सीमांत क्षेत्रों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-पांच में आपदा प्रभावित दो क्षेत्रों को जल्द सुरक्षित किया जाएगा। निगुलसरी और नाथपा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई) करीब 53 करोड़ रुपये की लागत से एनएच को सुधारने के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से विभिन्न कार्यों को अमली जामा पहनाएगा। एनएचएआई ने सड़क का सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई) ने इन दिनों निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। योजना के तहत निगुलसरी और नाथपा में आपदा से निपटने के लिए विभिन्न कार्य होंगे। पहाड़ियों को सुरक्षित करने के साथ-साथ एनएच के करीब 655 मीटर के हिस्से पर मेटलिंग और टारिंग होगी। साथ ही जियो सिंथेटिक मैट बिछाने का कार्य होगा। इससे एनएच के भूस्खलन प्रभावित हिस्से पर सफर सुरक्षित किया जाएगा। हालांकि, दोनों स्थानों पर रॉक टेस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। निगुलसरी में 600 वर्ग फीट क्षेत्र में स्केलिंग और ड्रिलिंग के बाद नेट बिछाने का कार्य किया जाएगा। 250 मीटर के क्षेत्र में रॉकफॉल बैरियर लगाए जाएंगे। सतलुज नदी ओर से 270 मीटर पक्की दीवार का निर्माण किया जाएगा। साथ ही 385 मीटर एनएच पर मेटलिंग, टारिंग और जिओ सिंथेटिक मैट लगाकर के सड़क पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। वहीं, नाथपा में भी 6500 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्केलिंग के बाद जाली बिछाने और 220 मीटर सड़क पर जिओ सिंथेटिक मैट बिछाने का कार्य होगा। एनएच-पांच के सुधरने से जिले के हजारों ग्रामीणों सहित काजा, लाहौल-स्पीति के ग्रामीणों, देश सीमा पर तैनात भारतीय सेना, आईटीबीपी के जवानों और पर्यटकों को पूर्व की भांति परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य शुरू होने पर जिले के लोगों ने खुशी जताई है।
निगुलसरी और नाथपा में सड़क को सुधारने का कार्य शुरू हो गया है। करीब 53 करोड़ रुपये की लागत से दोनों आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा कार्यों को पूरा किया जाएगा। अप्रैल 2027 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- केएल सुमन, एक्सईएन, एनएचएआई रामपुर