पत्नी का आरोप, मारपीट करता था पति, बाद में छोड़ भी दिया
पेश नहीं होने पर पति के खिलाफ हुई एकतरफा कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित परिवार न्यायालय किन्नौर ने एक महिला की याचिका स्वीकार करते हुए उसके पति से तलाक को मंजूरी दे दी है। न्यायालय ने पति की ओर से की गई क्रूरता और परित्याग को तलाक का आधार माना।
जुलाई 2015 में दोनों का विवाह हुआ था। उनके वैवाहिक संबंध से एक बेटी का जन्म हुआ, जो अब याचिकाकर्ता के साथ रहती है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद पति का व्यवहार बदल गया। वह छोटी-छोटी बातों पर मारपीट और दुर्व्यवहार करने लगा। दिसंबर 2016 से पति ने याचिकाकर्ता को छोड़ दिया था। इस कृत्य से उसे गंभीर मानसिक और शारीरिक आघात पहुंचा। पति ने उसे ससुराल वापस लाने या खर्च देने का कोई प्रयास नहीं किया। न्यायालय ने पाया कि सुलह की कोई गुंजाइश नहीं बची थी।
प्रतिवादी यानी पति को इस साल 21 अप्रैल को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए सूचित किया गया था। हालांकि, सूचना मिलने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय ने उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई का आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने अपना बयान दर्ज कराया और दस्तावेजी सबूत पेश किए। सबूतों से यह साबित हुआ कि पति शराब के नशे में पत्नी के साथ बुरा बर्ताव करता था। उसने पत्नी को पूरी तरह से छोड़ दिया था और उसके साथ नहीं रह रहा था। न्यायालय ने इसे क्रूरता और परित्याग का पर्याप्त प्रमाण माना। प्रतिवादी ने आरोपों का खंडन करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इसलिए, न्यायालय ने याचिकाकर्ता को हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक की डिक्री का हकदार पाया।