रामपुर बुशहर। नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में अदालत ने दोषी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर (पोक्सो) की अदालत ने मंगलवार को यह अहम फैसला सुनाया। इसमें दोषी देवेंद्र उर्फ झांगी निवासी तहसील आनी, जिला कुल्लू को दस वर्ष के कठोर कारावास के साथ 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है।
सरकार की ओर से मामले की पैरवी कर रहे उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 19 मई 2019 को बच्ची सहेली के साथ प्राइमरी स्कूल के पास खेल रही थी। इसी बीच दोषी ने उसे कुरकरे लाने के लिए दस रुपये दिए लेकिन दुकान बंद होने के कारण बच्ची वापस आ गई। इसके बाद दोषी बच्ची से साथ के खंडर मकान में दुष्कर्म करने का प्रयास किया। बच्ची चिल्लाई और किसी तरह से दोषी को धक्का मारकर भागने में कामयाब हो गई। इसके बाद दोषी ने उसका पीछा किया और कहा कि वह उससे शादी करेगा। यह सारी घटना बच्ची ने अपनी बड़ी मामी और मां को बताई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी के खिलाफ पुलिस स्टेशन आनी में आईपीसी और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। मुकदमे की तफ्तीश सब इंस्पेक्टर भागचंद ने अमल में लाई। तफ्तीश पूरी होने के बाद अदालत के समक्ष चालान पेश किया गया जहां पर 16 गवाहों और बच्ची के बयान दर्ज किए गए। सभी साक्ष्यों और दलीलों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी देवेंद्र को बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास का दोषी पाया और दोषी को दस साल के कठोर कारावास की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना किया है।