रामपुर कॉलेज में योग अभ्यास करते शिक्षक और विद्यार्थी
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रामपुर बुशहर। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सहयोग से प्रेम सुख इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट करिअॅर प्वाइंट विश्वविद्यालय के सौजन्य से पीजी कॉलेज रामपुर में योग और पारंपरिक चिकित्सा प्रशिक्षण पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे विश्व योगा फेडरेशन के निदेशक डॉ. राम अवतार ने कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को योगा की बारीकियों से अवगत करवाया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कॉलेज पहुंचने पर कॉलेज प्रधानाचार्य प्रो. पीसीआर नेगी ने उनका स्वागत किया।
पीजी कॉलेज रामपुर मैदान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. राम अवतार ने योगा प्राणायाम, नाड़ी विज्ञान, हर्बल उपचार, रैकी और सिदा विज्ञान के बारे में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि भारत में योग और ध्यान की क्रियाओं का महत्व पहले से ज्यादा हुआ है। आज योग और ध्यान क्रियाएं मानव जीवन का कई प्रकार के रोगों से बचाव करती हैं और उनका पूर्ण उपचार करती है। नई शिक्षा नीति में छात्रों को योग, आयुर्वेद और होम्योपैथी की पढ़ाई करवाने का प्रावधान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मनुष्य शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम की आवश्यकता होती है और व्यायाम यदि किसी व्यक्ति द्वारा गलत तरीके किया जाता है तो यह उससे फायदा होने के बजाय नुकसान होता है। जीवन का ज्ञान ही आयुर्वेद है, जिसमें मानव की लगभग सभी शारीरिक और मानसिक बीमारियों से रक्षा की जाती है। उन्होंने छात्र-छात्रों ओर योग की विभिन्न क्रियाएं करवाई और अपने आपको स्वस्थ रखने के लिए योग करने की अपील की। इस मौके पर कॉलेज के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।