सांगला (किन्नौर)। भारत-चीन के बीच चल रहे विवाद को देखते हुए जनजातीय जिला किन्नौर के सीमावर्ती इलाकों में सड़कों का जाल बिछाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। जिले की पांच पंचायतें भारत-तिब्बत सीमा के साथ सटी हुई हैं, लेकिन सड़कों के अभाव में आज भी हजारों की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमावर्ती इलाके के लोगों ने ग्राम पंचायत कुन्नोचारंग, नमज्ञा, नेसंग, छितकुल और पूह के डुबलिंग रिशी डोगरी तक सड़कें बनाने की मांग की है। हालांकि, चीन अधिकृत तिब्बत में चीनी सरकार ने बॉर्डर के काफी नजदीक तक सड़कें बना दी हैं, जबकि सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण किन्नौर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सड़कों का जाल बिछाना जरूरी है।
पंचायत प्रधान पूह सुमन साना, उपप्रधान पूह सुशील साना, प्रधान नेसंग अशोक नेगी, प्रधान कुन्नोचारंग पूर्ण सिंह नेगी, प्रधान छितकुल राजकुमारी नेगी, ग्रामीण भुवनेश्वर नेगी, अजीत कुमार, दुर्गादास नेगी, राजकुमार नेगी, विमल नेगी, कमल नेगी, राजकमल नेगी, प्रमोद नेगी, विजय नेगी, पवन कुमार, दीपक नेगी, दिव्या नेगी सहित अन्य लोगों ने केंद्र और प्रदेश सरकार सहित जिला प्रशासन से मांग की है कि जिले के इन सीमावर्ती इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्र कुन्नो से आगे शिमदींग ला करीब 20 किलोमीटर, चारंग से आगे खैमकुला करीब 22 किलोमीटर, पूह के
रिशी खड्ड खंड से गंगटम ब्रालम तक करीब 40 किलोमीटर, छितकुल के दुमती से यांमरंगला तक करीब 50 किलोमीटर और नेसंग से गंगटम ब्रालम तक करीब 40 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाना चाना चाहिए। हो।
उधर, लोक निर्माण विभाग कल्पा के एक्सईएन पीसी नेगी ने बताया कि वर्तमान में कुन्नोचारंग से आगे सड़क बनाई जा रही है। यहां से आगे की ओर फिलहाल सरकार की तरफ से कोई दिशा निर्देश नहीं हैं। एक्सईएन भावानगर राहुल सूद ने बताया कि छितकुल से दुमती तक सड़क बनाई जा रही है, लेकिन यहां से आगे सड़क निर्माण को लेकर सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं हैं।