सांगला (किन्नौर)। जनजातीय क्षेत्र जिला किन्नौर में लगातार दो दिनों तक हुई बर्फबारी और बारिश के बाद मंगलवार को तीसरे दिन भी निगम की बसों के पहिये थमे रहे। जिले की 73 पंचायतों के हजारों लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दो दर्जन से अधिक सड़कों पर यातायात ठप होने से ग्रामीण पैदल सफर करने को मजबूर हैं।
हालांकि मंगलवार को रिकांगपिओ से पूह-काजा और स्पीति की तरफ यंगथंग तक और जिले के एकमात्र ग्रामीण रूट पर तेलंगी तक ही निगम की बसों की आवाजाही हो सकी है। बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन होने के कारण अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर पथ परिवहन निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है, जिसके कारण हजारों लोग परेशानियां झेलनी को मजबूर हैं। मंगलवार को कल्पा का अधिकतम तापमान 7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जबकि प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 8 डिग्री व न्यूनतम तापमान माइनस 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
वहीं, पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी रामबीर सैन ने कहा कि अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर फिसलन के चलते बसें भेजने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। लोगों की समस्याओं के मद्देनजर कुछ ग्रामीण सड़कों पर आधे रास्ते तक ही बसों की आवाजाही करवाई हो रही है।
उधर, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राहुल सूद और एसडीओ कल्पा अशोक नेगी ने कहा कि कल्पा, पूह और निचार खंड में भारी बर्फबारी से बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए 18 जेसीबी मशीनों के साथ मजदूर डटे हुए हैं। जल्द ही सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।