शांत अनुष्ठान में पहुंचेंगे अन्य देवताओं के साथ खूंद और मेहमान
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शेखल के खूंद चिड़गांव तहसील के गवास गांव में शनिवार शाम को पहुंचे। 38 साल बाद शांत अनुष्ठान का रविवार को आगाज हो जाएगा। रातभर शेखल के खूंद जागते रहेंगे, सुबह के समय एक धार्मिक रस्म के बाद ही उनको मंदिर परिसर से बाहर निकलने की अनुमति होगी। गांव में शनिवार को लोगों के घरों में मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
डंडों और पारंपरिक हथियारों के साथ शेखल गांव के खूंदों ने अपने गांव के मंदिर में माथा टेकने के बाद गवास गांव के लिए पदयात्रा शुरू की। शेखल गांव से करीब आठ घंटे पैदल सफर करने के बाद शेखल के खूंद शाम को नाचते हुए गवास गांव पहुंचे। रविवार को मंदिर में अन्य मेहमानों और देवताओं का स्वागत किया जाएगा। रोहटान गांव के खूंद भी आधी रात के बाद गांव से रवाना होंगे। उनको रविवार शाम पैदल करीब चौदह घंटे सफर करने के बाद गवास गांव पहुंचना है। छुपाड़ी गांव से देवता गुडारू सहित अन्य देवता भी रविवार शाम को ही गवास में पहुंचेंगे।
सोमवार को शिखा पूजन और फेर की मुख्य रस्म होती है। शांत के लिए हर घर में खुली धाम तीन दिन तक चलती रहेगी। मंगलवार दोपहर बाद शांत अनुष्ठान से कई देवताओं की वापसी होगी। मंदिर कमेटी एवं देवता गुडारू गवास के मोहतमीन बिशंबर सिंह ठाकुर ने बताया कि 38 साल बाद ऐतिहासिक शांत महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां पर हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। इस प्रकार के अनुष्ठान पूरे क्षेत्र के साथ देश-दुनिया में शांति और समृद्धि के लिए किए जाते हैं।
अनुष्ठान में रविवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, सांसद प्रतिभा सिंह, सांसद सुरेश कश्यप शामिल हो रहे हैं।