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सुविधाओं से महरूम रूनपू के ग्रामीण उपचुनाव का करेंगे बहिष्कार

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आजादी के सात दशक बाद भी सड़क सुविधा से महरूम रुनपू गांव के लोगों ने लिया चुनाव बहिष्कार का निर्णय? - फोटो : RAMPUR-HP
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मोहन मेहता
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर खंड की किन्नू पंचायत का रूनपू गांव आजादी के सात दशकों के बाद भी सड़क सुविधा से महरूम है। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने उपचुनाव के बहिष्कार का फैसला लिया है। रूनपू में एक पोलिंग बूथ है, जिसमें 256 वोटर हैं। सभी ने फैसला लिया कि वह मतदान नहीं करेंगे। इसको लेकर वार्ड पंच रूनपू इंद्र सिंह की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई।
इसमें सर्वसम्मति से लोगों ने गांव की अनदेखी करने पर उपचुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का सरकारों पर आरोप है कि उनका गांव आजादी के 74 साल बाद भी सड़क सुविधा से वंचित है। पंचायत सदस्य रूनपू इंद्र सिंह, तारा चंद डिंगटु, विजय सिंह, देशराज, सोहन लाल मोही, विकास दत्ता, रमेश कुमार, सुनील कुमार, राम सिंह, राजकुमार, विक्रांत और विजय सिंह सहित साढ़े तीन दर्जन ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2017 में पीएमजीएसवाई के तहत गांव के लिए 5.47 करोड़ से सड़क और आरसीसी पुल का कार्य शुरू हुआ था लेकिन चार वर्षों में मात्र चार किलोमीटर सड़क ही बन पाई है। इसके अलावा पुल का निर्माण कार्य भी अधूरा है।
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छह किलोमीटर लंबी सड़क का कार्य वर्ष 2018 में पूरा होना था, लेकिन विभाग की लेटलतीफी के कारण आज भी ग्रामीण सड़क सुविधा से वंचित है। वहीं, गांव के एक मात्र मिडिल स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इसके अलावा उपस्वास्थ्य केंद्र में भी स्टाफ का टोटा है। क्षेत्र के लोगों को बिजली-पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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सबसे अधिक परेशानी गांव में किसी के बीमार होने पर पेश आती है, जब मरीज को कई किमी तक पालकी पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कोई भी सरकार रही हो सभी ने उनकी अनदेखी की है। इससे गांव में सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने उपचुनाव में मतदान के बहिष्कार का फैसला लिया है।
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