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Rampur Bushahar News: छंटे बादल, पर कम नहीं हुई मुश्किल

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उपमंडल की अधिकांश सड़कें अभी भी बंद, पटरी पर नहीं लौटा जनजीवन
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रामपुर से रोहड़ू वाया तकलेच और भद्राश वाया ब्रांदली सड़क जगह-जगह धंसी

सेब बहुल क्षेत्र में फंसी सेब की 85 हजार पेटियां

कहीं पेयजल, कहीं बिजली तो कहीं संचार सुविधा से जूझ रहे ग्रामीण

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर।
एक सप्ताह से जारी बारिश का कहर शुक्रवार को थम गया। शुक्रवार को धूप खिलने से लोगों ने राहत महसूस की। बादल तो छंट गए, लेकिन अभी मुश्किल कम नहीं हुई है। रामपुर उपमंडल में यातायात, पेयजल, बिजली, संचार जैसी सुविधाएं अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। हजारों बागवानों की परेशानियां अभी भी बढ़ी हुई हैं। यदि समय रहते सड़कें बहाल नहीं होती हैं, तो बागवानों की वर्षभर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। उपमंडल के दुर्गम क्षेत्रों में यातायात बहाली अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। अधिकांश सड़कें ठप होने के कारण आवाजाही करना दिक्कतों भरा बना हुआ है। 31 अगस्त से रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश से उपमंडल की अधिकतर सड़कों को क्षति पहुंची है। बारिश से हुए नुकसान का असर अभी भी बरकरार है और समूचे उपमंडल में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात सहित बिजली, पेयजल, संचार अन्य सुविधाएं अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। उपमंडल की ननखड़ी-खमाडी, रामपुर-करांगला, रामपुर-पांडाधार, ननखड़ी-कांडलू चौकी, शोली-बडोग, सरपारा, शोली-रामपुर, मझोली-कलेडा, तकलेच-बाहली, तकलेच-देवठी, रामपुर-सुंगरी, तकलेच-रामपुर, तकलेच-दरकाली, रुनपू, शमकोर-जघोरी, गानवी-क्याओ कूट, कलना, शलून-ब्यूंथल, थाना संपर्क मार्ग, फूंजा-शाह, जगूनी-सनेयी, रायशरण, मगुनी-रुनपू, किन्नू-भगावट, पिथवी-छांच-सराहन, नानन-धराली, कोटला-कुन्नी और ज्यूरी-डांकरू सड़क अभी भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीणों को आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक क्षति 15/20, 12/20, रामपुर को रोहड़ू से जोड़ने वाली सड़क और ननखड़ी क्षेत्र की सड़कों को पहुंची है। लोक निर्माण विभाग युद्धस्तर पर सड़कों की बहाली में जुटा हुआ है, लेकिन सड़कों को बहाल होने में कई दिन लग सकते हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता एसके नेगी ने बताया कि बरसात से सड़कों को काफी क्षति पहुंची है। विभाग की मशीनें और मजदूर युद्धस्तर पर सड़क बहाली में जुटे हुए हैं। विभाग जल्द से जल्द बाधित सड़कों को बहाल करेगा।
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बंद सड़कों से वर्षभर की मेहनत पर न पड़े मार

भारी बारिश से बाधित हुई सड़कों की सबसे अधिक मार क्षेत्र के हजारों किसानों-बागवानों पर पड़ी है। बागवानों ने वर्षभर की मेहनत कर सेब उत्पादन तो किया, लेकिन अब बंद सड़कों ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। उपमंडल के सेब बहुल नरैण, बाहली क्षेत्र में सेब की करीब 60 हजार पेटियां फंस गई हैं। यही आलम अन्य क्षेत्रों का भी है। डंसा पंचायत में करीब तीन हजार, कूहल में दस हजार, देवठी में पांच हजार, मुनिश में तीन हजार और दुर्गम काशापाट पंचायत में चार हजार पेटियां सड़कें बंद होने से फंस गई हैं। रामपुर-रोहड़ू सड़क वाया तकलेच और वाया भद्राश-ब्रांदली सड़क बाधित पड़ी है। इस सड़क में तकलेच के साथ लगते डमराली, चिखरी, थेडा और बाल्टीधार में सड़क के बड़े हिस्से धंस गए हैं। सिकिंग जोन इन क्षेत्रों में बड़े-बड़े पेड़ भी गिरकर सड़क पर आ गए हैं। यही हाल वाया भद्राश होकर भी है। यहां नरैण, ब्रांदली खड्ड के पास, कुरनू और बशड़ी के पास सड़क धंस गई हैं। बागवान ललित कायथ, प्रताप चौहान, रोहित राणा, सतवीर कायथ, रोहित कायथ, जोगिंद्र सिंह ठाकुर, वीरभद्र कायथ, पितांबर कायथ समेत अन्य बागवानों ने कहा कि सेब सीजन शुरू हो गया है, लेकिन सड़कें बंद होने से उनकी फसल बगीचों में फंस कर रह गई है। सड़काें की बहाली को लेकर बागवान सरकार और लोक निर्माण विभाग पर टकटकी लगाए हुए हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग शनिवार तक रामपुर-रोहड़ू सड़क को बहाल करने का दावा कर रहा है।
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