12 किलोमीटर पर गड्ढों की भरमार, कई स्थानों पर टारिंग का नामोनिशान तक नहीं
लोग बोले-सांसद से मिलने के बाद भी नहीं हो रही कोई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बीते कई सालों से रतनपुर-उच्ची शाह सड़क की दयनीय दशा नहीं सुधरी है। हालत यह है कि सड़क पर गड्ढों की भरमार है, जिस वजह से क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पर आवाजाही कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सांसद से मिलने के बाद भी सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। करीब 12 किलोमीटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढों की भरमार है, वहीं कई स्थानों पर टारिंग का नामोनिशान तक मिट गया है, जो हादसों को न्योता दे रहा है। लंबे समय से सड़क की दशा नहीं सुधरने के कारण हजारों लोग खतरे के साये में सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही पर भारी रोष है। गौर हो कि सड़क से करीब आधा दर्जन से अधिक गांव लाभान्वित होते हैं, लेकिन सड़क की बद से बदतर बनी दशा के कारण ग्रामीणों के अलावा स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है, वहीं वाहनों को भी क्षति पहुंच रही है। शाह गांव के निवासी प्रीतम देव, राजेश, आदित्य जिश्टू, मुस्कान, अंजली, हिरू राम, सुनील, मीना, लेखराज, विपिन कुमार, रोशन लाल, प्रियंका, चेतराम और बुद्धि सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि रतनपुर से उच्ची शाह, मझेवली फुंजा सड़क की दशा खस्ताहालत बनी हुई है। समस्या को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग रामपुर के कार्यालय में शिकायत की गई लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग को चेताते हुए कहा कि जल्द ही मार्ग की दशा नहीं सुधरी तो मजबूरन उन्हें आंदोलन करना पड़ेगा।
कोट्स
सड़क को नाबार्ड के तहत बजट का प्रावधान करके जल्द दुरुस्त किया जाएगा। इस समय ठंड का मौसम होने के कारण मेटलिंग और टारिंग करना मुश्किल है। गर्मियों में सड़क को दुरुस्त किया जाएगा।
बृजलाल, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, रामपुर