ऊंचे इलाकों में बिखरी चांदी, निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश, बंपर फसल की जगी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुश्हार। दो दिनों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश ने करोड़ों के सेब कारोबार में जान फूंक दी है। बर्फबारी और बारिश आगामी सेब सीजन में फसल के लिए वरदान साबित होगी। ताजा बर्फबारी और बारिश से सूबे में सेब की बंपर फसल होने की उम्मीद है। वहीं बागवानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। गौर हो कि शुक्रवार से मौसम के बिगड़े मिजाज के बाद ऊपरी शिमला के ऊंचे क्षेत्रों में चांदी बिखर रही है। वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश का क्रम जारी है। ताजा हिमपात और बारिश कृषि और बागवानी के लिए संजीवनी का काम करेगी। इससे सेब के लिए आवश्यक चिलिंग ऑवर्स भी पूरे हो गए हैं। ऐसे में सीजन में सेब के बेहतर उत्पादन होने की उम्मीद बागवानों को है। वहीं हिमपात और बारिश होने से पेड़ों में कीट और बीमारियां पनपने का खतरा टल गया है। बर्फबारी और बारिश होने से जमीन में नमी होने से खाद और गोबर डालने का कार्य पूरा हो सकेगा। साथ ही नए पौधे भी बागवान रोप पाएंगे। जिन बागवानों ने नए पौधे रोप दिए हैं, उन पौधों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद है। प्रगतिशील बागवान प्रेम चौहान, सुनील चौहान, विनोद खौश, सर्जन भंडारी, अनिल कुमार, पवन और ललित कायथ ने कहा कि ताजा हिमपात और बारिश से आगामी सीजन में अच्छी फसल होने की उम्मीद है। फ्लावरिंग के दौरान मौसम अनुकूल बना रहना चाहिए, जिससे अच्छी फसल का उत्पादन हो सके। बागवानी विशेषज्ञ योगराज ने बताया कि ताजा हिमपात और बारिश कृषि-बागवानी के लिए फायदेमंद है।
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गुठलीदार फलों के लिए फायदेमंद है बारिश
सेब के अलावा प्लम, बादाम, आड़ू, खुमानी और चुल्ली सहित अन्य गुठलीदार फलों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद है। हिमपात और बारिश होने से जमीन में पर्याप्त नमी रहेगी। इससे बेहतर फसल उत्पादन होने की आस है।