सड़क पर कई स्थानों पर लगे मलबे के ढेर नहीं उठा रहा लोक निर्माण विभाग, खतरे के साये में गुजर रही बसें और बड़े वाहन
आठ पंचायतों के हजारों लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानियां, श्राईकोटी जाने वाले श्रद्धालु भी हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के प्रमुख धार्मिक स्थल श्राईकोटी को जोड़ने वाली नोगली-तकलेच मार्ग की हालत बद से बदतर बनी हुई है। सड़क की खस्ताहालत के कारण आठ पंचायतों के हजारों लोगों को हर रोज खतरे के साये में सफर करना पड़ रहा है। आलम यह है कि बरसात के कारण सड़क पर हुए भूस्खलन से लगे मलबे के ढेरों को भी कई स्थानों से अभी तक लोक निर्माण विभाग उठा नहीं पाया है। ऐसे में एचआरटीसी की बसों सहित बड़े वाहन उक्त स्थानों पर खतरे के साये में आवाजाही कर रहे हैं। नोगली-तकलेच मार्ग से सूबे की कूहल, देवठी, मुनिश-बाहली, काशापाठ, दरकाली, बाहली, तकलेच और भड़ावली पंचायत के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं, लेकिन सड़क की दुर्दशा के कारण ग्रामीणों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इन दिनों नवरात्र के पर्व पर 12/20 वैली स्थित श्राईकोटी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी मरीजों को झेलनी पड़ रही है। जगह-जगह सड़क पर गड्ढों के कारण मरीजों को हिचकोले खाते हुए अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी राकेश चौहान, प्रेमराज, उत्तम सिंह, विपिन कुमार, अनिल कुमार, राजेंद्र, सुरजीत और आनंद ने कहा कि सड़क की दयनीय हालत के कारण आवाजाही करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। कई स्थानों पर मलबे के ढेर को लोक निर्माण विभाग साफ नहीं कर पा रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि सड़क की बदतर दशा के कारण वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। हर दो माह वाहनों को गैराज ले जाकर दुरुस्त करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई कि खस्ताहाल सड़क को दुरुस्त किया जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके। लोक निर्माण विभाग रामपुर के सहायक अभियंता बृजलाल ने कहा कि फिलहाल रचोली मार्ग पर जेसीबी मशीन कार्य करने में जुटी हुई है। जल्द ही नोगली-तकलेच मार्ग से मलबे को हटाया जाएगा। इसके साथ ही सड़क पर पड़े गड्ढों को भी जल्द भरा जाएगा।
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खस्ताहल सड़कों से पर्यटन को कैसे मिलेगा बढ़ावा
12/20 वैली में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां माता श्राईकोटी का मंदिर खूबसूरत वादियों में बसा है। मंदिर के चारों ओर प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए अहम मानी जानी वाली सड़क ही खस्ताहाल है। हां पर पर्यटन को विकसित करने की दरकार है। ऐसे में सरकार के पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे धरातल पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। वहीं यहां आने सैलानियों को भी सुविधाओं के अभाव में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।