रोजगार, प्रदूषण और दरारों के मुआवजे को तरस रहे ग्रामीण, निरथ में आयोजित बैठक में तैयार की रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मांगों को लेकर 16 फरवरी को किसान सभा के बैनर तले प्रभावित लुहरी परियोजना के खिलाफ फिर से मोर्चा खोलेंगे। परियोजना प्रभावितों को रोजगार के नाम पर ठगा जा रहा है। वहीं परियोजना के निर्माण से घरों में आई दरारों और प्रदूषण का मुआवजा भी ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। इसी मसले को लेकर मंगलवार को हिमाचल किसान सभा निरमंड, रामपुर और कुमारसैन उपमंडलों की संयुक्त बैठक निरथ में आयोजित हुई। बैठक में लुहरी परियोजना प्रभावितों के विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में मौजूद सभी लोगों ने 16 फरवरी को होने वाले प्रदर्शन को लेकर रणनीति तैयार की। इसमें किसान सभा राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, राकेश सिंघा, देवकी नंद और कृष्णा राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लुहरी परियोजना प्रभावितों को कंपनी द्वारा प्रदूषण और मकानों में आई दरारों का मुआवजा अभी तक सभी प्रभावितों को नहीं दिया गया है। प्रभावित पंचायतों में विकासात्मक कार्यों के लिए जो पैसा खर्च किया जाना है, वह पंचायतों को नहीं मिल रहा है। रोजगार के नाम पर भी प्रभावित पंचायतों के लोगों को ठगा जा रहा है। नियमों के मुताबिक 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाना है। परियोजना में जिन लोगों की जमीन गई है, उन परिवारों को परियोजना में स्थायी रोजगार नहीं दिया गया है।
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कृष्णा राणा को सौंपी संयोजक की कमान
बैठक में 21 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया। इसमें कृष्णा राण को संयोजक और ओपी चौहान को सह संयोजक चुना गया। बैठक में जन्मेष शर्मा, पल्सराम, अनु, दुर्गा सिंह, काकू कश्यप, गुलजारी लाल, रमेश, वीर सिंह और देव कुमारी सहित अन्य मौजूद रहे।