शिपकिला सैन्य चैक पोस्ट पर अधिकारियों से जानकारी लेते राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल। संवाद
सांगला (किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला के साथ वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत किन्नौर जिला के नाको और लियो गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत भी की। लियो गांव में राज्यपाल ने कहा कि किन्नौर जिले के 55 गांव वाइब्रेंट विलेज में शामिल किए गए हैं, जहां विकास को गति देने के लिए विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सीमावर्ती गांव जिन्हें वाइब्रेंट विलेज कहा जाता है, जाने का आग्रह किया था। ऐसे गांव में सुविधाएं देने का काम भारत सरकार कर रही है। पिछले दिनों प्राकृतिक आपदा के कारण उन्हें यहां का दौरा रद्द करना पड़ा था। स्थानीय लोगों की सड़क संबंधी मांगों को हल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंंगे।
माननीय उच्च न्यायालय की बाध्यता नहीं होगी तो नौतोड़ और एफआरए मामलों को उचित स्तर पर बातचीत करके हल करने का प्रयास किया जाएगा। इससे पूर्व राज्यपाल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। यह प्रदर्शनी फुलसुम खंडी और निरूप स्वयं सहायता समूह ने लगाई थी। लियो के प्रधान नमग्युल कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें स्थानीय समस्याओं से अवगत करवाया। इससे पूर्व राज्यपाल ने नाको गांव का दौरा किया और लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी लोगों को संस्कृति ने जोड़कर रखा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल संस्कृति का प्रदेश है और हर गांव की समृद्ध संस्कृति है। वाइब्रेंट विलेज के तहत सीमावर्ती गांव का विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अंतिम गांव को पहला गांव कहा है। इसी कारण जनप्रतिनिधियों का इन क्षेत्रों का दौरा सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सहित अन्य मांगों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
इस अवसर पर हंगरंग रिंछेंन बौद्ध संस्कृति धरोहर संस्थान के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल और लेडी गवर्नर ने यहां स्थापित मठ का दौरा भी किया और गांव में भी गए। उन्होंने नाको झील भी देखी। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, उपायुक्त तोरुल एस रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल और अन्य गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।