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Rampur Bushahar News: एक माह बाद स्वर्ग प्रवास से लौटे देवी-देवता, सुख समृद्धि का दिया आशीर्वाद

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मंदिरों में खूब उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीणों ने किया स्वागत
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सुख-समृद्धि और अच्छी फसल का सुनाया फलादेश

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर/डंसा। रामपुर उपमंडल के देवी-देवता एक माह के स्वर्ग प्रवास से मंदिरों में लौट आए हैं। मंगलवार को देवताओं के दर्शन के लिए मंदिरों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। अब मंदिरों में देवताओं की नियमित आरती की जाएगी, वहीं अब मांगलिक कार्य भी शुरू होंगे। गौर हो कि मकर संक्रांति को रामपुर के देवी-देवता एक माह के लिए स्वर्ग प्रवास पर जाते हैं। मंगलवार को एक माह पूरा होने पर देवता वापस मंदिरों में लौट आए हैं। देवी-देवताओं के आने की खुशी में मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। देवताओं की मूर्तियों और देव रथों में सजाया गया। मंदिरों में अब धार्मिक अनुष्ठान भी शुरू हो गए हैं। स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू, जाख देवता रचोली, बहासरा देवता, काजल देवता गसो, लक्ष्मी नारायण देवता दरकाली और छत्रखंड देवता ब्रांदली सहित अन्य देवताओं ने गूरों के माध्यम से वर्षफल सुनाया। इस दौरान देवताओं ने सुख-समृद्धि और खुशहाली का फलादेश सुनाया। देवी-देवताओं के अनुसार इस वर्ष क्षेत्र में लोगों की फसलें अच्छी होगी। वहीं मंदिर कमेटी द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया गया। इसमें हजारों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

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सरसों के दानों से होता है अच्छे-बुरे का फैसला

वर्षफल सुनाने के बाद देवता के गूर मंदिर में पहुंचे लोगों को आशीर्वाद के तौर पर सरसों के दाने देते हैं। आपके लिए यह साल अच्छा रहेगा या फिर बुरा, इन दानों से इसका पता चलता है। अगर किसी व्यक्ति को 1, 5, 7 दाने आते हैं, तो उसके लिए साल शुभ माना जात है जबकि 2, 4, 8 दाने आने पर शुभ नहीं माना जाता है।
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इनसेट

मनगांवण उत्सव का शुभारंभ
नोग वैली की दैविक महाशक्ति आराध्य देवता साहिब दमुख के स्वर्ग प्रवास से देवालय लौटने पर दशोटी के लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर भव्य स्वागत किया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के दर्शन पाने के लिए तांता लगा रहा। दोपहर बारह बजे के बाद मनगांवण का उत्सव शुरू हुआ। देवता के गुर प्रवीण ने वाद्ययंत्रों की धुन के आगे लोहे की सलाखों को मुंह में डालकर पूरे मंदिर की परिक्रमा कर देव परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान लोगों ने भगवान परशुराम के जयकारे लगाए। देवता के गुर प्रवीण ने वर्षभर के लिए भविष्यवाणी की कि इस बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों का मौसम कृषि और बागवानी के लिए उपयुक्त रहेगा। वहीं मध्यम एवं निचले क्षेत्रों में सूखा पड़ने की भी आशंका जताई है। उन्होंने ओलावृष्टि की संभावना से भी इन्कार नहीं किया। क्षेत्र में सुख-शांति बनी रहेगी।
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