आनी (कुल्लू)। आनी क्षेत्र के शमशरी महादेव सात सालों के बाद अपने अधिकार क्षेत्र की 13 पंचायतों के दौरे पर निकले थे, जिसका शुक्रवार को समापन हो गया। देवता शमशरी महादेव सावन महीने के अंतिम सप्ताह देवालय से बाहर निकले थे। इस दौरान 45 दिन तक उनके अधिकार क्षेत्र की पंचायतों में मेलों का आयोजन किया गया।
शुक्रवार को कमांद में अंतिम मेला लगा। इस दौरान यहां हजारों महिलाओं और पुरुषों ने सामूहिक देवनाटी डाली। शनिवार को देवता शमशरी महादेव 45 दिनों बाद देवालय में प्रवेश करेंगे। मंदिर कमेटी के मुख्य पुजारी देवराज शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में आसुरी शक्ति के दमन और महामारी के खात्मे के लिए देवता अपने क्षेत्र का दौरा करते हैं। देवता पहले मंझादेश के धोगी गांव और गाडाडीम पहुंचकर जनता को आशीर्वाद देते हैं। क्षेत्र की च्वाई, बखनाओं और शिल्ली तीन पंचायतों की जनता के दुखों का निवारण करते हैं।
इसके बाद देवता कराणा, चनोग, कुटवा, डहुवी, खादवी, जाओं, लढागी, बुच्छेर, कोहिला के पाली, खुन्न, शिगागी, बाड़ी, करेड़, बटाला, परकोट और कमांद आदि क्षेत्र का दौरा करने के बाद शनिवार को देवालय लौटेंगे।
उन्होंने कहा कि दस दौरान हर गांव में देवता शमशरी महादेव का इतिहास देखने को मिला। इसमें विशेष रूप से खुन्न, शिगागी, कोहिला और लढागी में देवता की हजारों वर्ष प्राचीन परंपरा को निभाया गया।