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Rampur Bushahar News: पंचायत के हाथों होगा आनी मेले के आयोजन का जिम्मा

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एक के हाथों कभी नहीं रहा जिला स्तरीय मेले का आयोजन
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कभी प्रशासन, कभी नगर पंचायत के जिम्मे रहा
कभी पूरी रात चलता था नाटियों का दौर, अब महज होती हैं औपचारिकताएं

हरिकृष्ण शर्मा

आनी(कुल्लू)। करीब 136 सालों पुराने जिला स्तरीय आनी मेले का आयोजन कभी एक आयोजक कमेटी के हाथों में नहीं रहा। मेले का आयेाजन कभी पंचायत, कभी प्रशासन तो कभी नगर पंचायत के जिम्मे रहा। इसका मुख्य कारण राजनीतिक हस्तक्षेप रहा है। इतना ही नहीं कई बार आयोजन को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। चार वर्ष पूर्व जहां स्थानीय प्रशासन ने आनी मेले का आयोजन अपने हाथों में रखा। वहीं, पिछले दो साल से नगर पंचायत आनी ने इसका आयोजन किया। नगर पंचायत निरस्त होने के बाद एक बार फिर मेले के आयोजन का जिम्मा स्थानीय पंचायत को दिया गया है। ऐसे में आयोजन को लेकर जहां कमेटियों में हमेशा नए-नए सदस्यों को जोड़ा जाता है, वहीं आयोजन को लेकर हमेशा खामियां भी पेश आती रही हैं।
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तीन रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं में 34 लोक गायक देंगे प्रस्तुतियां
आनी मेले में तीन सांस्कृतिक संध्याएं होती हैं। कलाकारों का दो दिन पहले कमेटी ने चयन कर लिया था। जानकारी के अनुसार, अब कलाकारों की इस लिस्ट में बहुत से नए कलाकारों को दोबारा जोड़ा गया है। अब कुल 34 लोक गायक तीन रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। ऐसे में 34 कलाकारों को सम्मानजनक राशि देना भी कमेटी के लिए चुनौती भरा रह सकता है। राजा हीरासिंह की ओर से शुरू किया गया आनी मेला इस साल 136 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। कहते हैं कभी पूरी रात-रात भर पारंपरिक वेशभूषा में स्थानीय लोग वाद्ययंत्रों की थाप पर नाटियों का दौर चलाते थे। अब महज औपचारिकताएं ही रह गई हैं। बहरहाल, इस वर्ष जिला स्तरीय आनी मेला सात मई को देवता शमशरी महादेव, पनेउई नाग, देउरी नाग, कुलक्षेत्र महादेव और ब्यूंगली नाग के आगमन के साथ शुरू होगा, जबकि दस मई को मेले का समापन हो जाएगा।
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- संवाद
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