रामपुर बुशहर। सतलुज नदी के मुहाने तैयार हो रही 210 मेगावाट लूहरी जलविद्युत परियोजना के खिलाफ प्रभावित पंचायतों के ग्रामीण फिर से लामबंद हो गए हैं। प्रभावित वीरवार को बिथल में मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। इस दौरान प्रभावितों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की अगुवाई ठियोग के विधायक राकेश सिंघा कर रहे हैं।
परियोजना प्रभावित पंचायतों की संघर्ष समिति ने चेताया है कि अगर छह दिसंबर से प्रभावितों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो समिति परियोजना का कार्य ठप करेगी। इसकी जिम्मेवारी परियोजना प्रबंधन, प्रशासन और प्रदेश सरकार होगी।
बिथल स्थित लूहरी जल विद्युत परियोजना कार्यालय में वीरवार को परियोजना प्रभावित पंचायतों की संघर्ष समिति ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रभावितों ने परियोजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्थानीय लोगों की मांगों को दरकिनार करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक सिंघा ने कहा कि परियोजना प्रबंधन प्रभावित पंचायतों के हितों को दरकिनार कर रहा है। प्रभावितों को प्रदूषण, भूमि अधिग्रहण, वन टाइम सेटलमेंट और रोजगार जैसे मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं हो रही।
प्रभावितों की मांगों को पूरा करने के लिए बनाई गई कमेटी भी इसमें विफल साबित हो रही है। परियोजना में आईटीआई और स्किल डेवलपमेंट करने वाले युवाओं को भी रोजगार न देकर बाहरी राज्यों के मजदूरों को काम पर रखा जा रहा है। परियोजना से प्रभावितों को उनके हक-हकूक दिलाने और बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने में सतलुज जलविद्युत निगम, रामपुर, कुमारसैन और निरमंड प्रशासन भी कोई काम नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने चेताया कि अगर छह दिसंबर तक प्रभावितों की मांगों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो परियोजना की ओर प्रभावित कूच करेंगे और कार्य नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर देवकी नंद, डॉ. ओंकार शाद, पूर्ण ठाकुर, हरीश, काकू, राम, हरदयाल कपूर, कृष्णा राणा, रुचि, प्रेम, जगदीश, अंकुश और प्रदीप सहित प्रभावित पंचायतों के प्रतिनिधि और सदस्य मौजूद रहे।