रामपुर डिपो की 15 बसों की समयावधि खत्म, 115 बसों के सहारे रामपुर, आनी के 166 रूट
हजारों ग्रामीण झेल रहे दिक्कतें, सरकार से नई बसें मुहैया करवाने की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर के दुर्गम ग्रामीण रूटों पर एचआरटीसी की बसें हांफ रही हैं। कई बार आधे रास्ते में बसें खराब हो चुकीं और यात्रियों को गंतव्य तक पैदल पहुंचना पड़ा। दुर्गम और जंगली क्षेत्रों में लोगों के लिए ऐसी स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है, वहीं प्रदेश में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के अधिकतर डिपो बसों की कमी से जूझ रहे हैं। उपमंडल रामपुर और आनी में भी निगम की यही हालत है। ऐसे में बसों के अभाव में ग्रामीण रूटों पर खटारा बसें भेजी जा रही हैं। दुर्गम और जगह-जगह गहरी खाई वाले क्षेत्रों में खटारा बसों में लोगों के लिए सफर जानलेवा साबित हो सकता है। कई बार यह खटारा बसें आधे रास्ते में खराब हो चुकी हैं। लंबे समय से ग्रामीण दिक्कतें झेल रहे हैं। वहीं, प्रदेश सरकार रामपुर डिपो में बसों की कमी को पूरा नहीं कर रही है। वर्तमान में रामपुर डिपो में 115 बसें उपलब्ध हैं, जिनके जरिये 166 रूट चलाए जा रहे हैं। इन 115 बसों में से रोजाना पांच बसें कार्यशाला में मरम्मत के लिए खड़ी रहती हैं, जबकि 110 बसें ही सड़कों पर दौड़ती हैं। वहीं, डिपो की 15 बसों की अवधि पूरी होने के कारण इन बसाें को खड़ा कर दिया गया है। निगम प्रबंधन पुरानी बसों के सहारे ही बस सेवाएं चला रहा है। नई बसें न होने के कारण अकसर ग्रामीण रूटों पर पुरानी बसें भेजी जा रही हैं, जो आए दिन बीच रास्ते में हांफ जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
रामपुर डिपो से जुड़े तीन उपमंडल
गौर हो कि किसी समय परिवहन निगम का रामपुर डिपो निगम को सबसे अधिक राजस्व अर्जित कर देता था, लेकिन समय के साथ साथ डिपो की हालत खस्ता होती गई। बात करें रामपुर डिपो की तो इस डिपो के जरिये रामपुर, निरमंड और आनी उपमंडल में परिवहन सेवाएं दी जा रही हैं।
सुचारु सेवाएं देने के लिए 25 तक बसों की जरूरत
बसों के अभाव में तीनों उपमंडलों के ग्रामीण रूट आधे से एक घंटे देरी से चले रहे हैं, जिससे लोगों में खासा रोष है। निगम प्रबंधन ग्रामीण रूटों से आने वाली बसों को ही दूसरे रूटों पर भेज रहा है। बीते दिनों ग्रामीणों ने बसों के देरी से चलने को लेकर अपना रोष भी जताया था। वर्ष 2023 में रामपुर डिपो को केवल छह नई बसें मिली थीं, लेकिन रूटों की संख्या को देखते हुए ये बसें ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। रामपुर डिपो को सुचारु रूप से परिवहन सेवाएं देने के लिए करीब 20 से 25 बसों की आवश्यकता है।
ग्रामीण रूटों पर देरी से चल रही बसें
क्षेत्र के ज्योति सानी, जीएल ठाकुर, रवि कुमार, राकेश ठाकुर, रामकृष्ण, राघव जोशी, साहिल कुमार सहित अन्य ने कहा कि निगम ग्रामीण रूटों पर पुरानी और खटारा बसों को भेज रहा है, जो आधे रास्ते ही खड़ी हो जाती हैं। अधिकतर ग्रामीण रूट अपने तय समय से एक घंटा देरी से चल रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और परिवहन निगम प्रबंधन से रामपुर डिपो को जल्द से जल्द नई बसें मुहैया करवाने की मांग की है।
रामपुर डिपो की 15 बसों की बुक वेल्यू पूरी हो चुकी है। नई बसें मुहैया करवाने को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही डिपो को नई बसें मिलेंगी।
- अतुल गुप्ता,क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम रामपुर डिपो
बसों की कमी से जूझ रहा परिवहन निगम की रामपुर डिपो। संवाद
बसों की कमी से जूझ रहा परिवहन निगम की रामपुर डिपो। संवाद