जगातखाना (रामपुर बुशहर)। सभी विद्यार्थी अच्छा नागरिक बनकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझें, तभी समाज में अपराध के ग्राफ में कमी लाई जा सकती है। यह बात मंगलवार को शाइनिंग स्टार पब्लिक स्कूल जगातखाना में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन की ‘पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम’ में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थाना प्रभारी चमन नेगी ने कही। कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को महिला अपराध, हेल्पलाइन, यातायात नियमों सहित सोशल मीडिया के प्रयोग और साइबर क्राइम से जुड़ी बातें बताई।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज संकल्प लें सभी लोग यातायात नियमों का पालन करेंगे। इसके साथ ही अपने परिवार के सदस्यों को भी हेलमेट लगाने, सीट बेल्ट बांधने और धीमी गति से वाहन चलाने का सुझाव देंगे। उन्होंने बताया कि हमारे देश में सबसे ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं में होती हैं। विशेष अतिथि अतिरिक्त थाना प्रभारी ज्ञान चंद ने छात्र और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया और मोबाइल फोन कुछ सीखने के लिए और ज्ञान बढ़ाने के लिए है। इससे अच्छी जानकारियां हासिल करें और गलत सीख से बचें।
स्कूल के प्रधानाचार्य एचएल नागटा ने कहा कि विद्यार्थियों को समय-समय पर इस तरह की कार्यशालाओं की जरूरत पड़ती है। इससे उनकी सही सोच विकसित करने में मदद मिलती है। पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम के दौरान छात्र और छात्राओं ने कई सवाल पूछे, जिनके उन्हें पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिए। इस दौरान छात्रों ने नशे के खिलाफ जागरूकता रैली भी निकाली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इस मौके पर स्कूल प्रबंधक मधु नेगी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, पुलिस अधिकारियों ने दिए जवाब
अनन्या ने कार्यक्रम में सवाल पूछा कि पुलिस जब किसी व्यक्ति को चिट्टा या अन्य नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार करती है तो उसे क्यों छोड़ा जाता है। इससे आरोपी फिर से नशे में संलिप्त हो रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बताया कि कानून में प्रावधान है कि पांच ग्राम से कम नशा मिलने पर आरोपी को जमानत मिल जाती है जबकि अधिक मात्रा में नशा मिलने पर जमानत का प्रावधान नहीं है।
यशिका ने पूछा कि नशीले पदार्थ के साथ व्यक्ति को पकड़ने पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है? इसका जवाब देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाता है। इसके बाद मामले को अदालत के समक्ष रखा जाता है।
ऋत्विक ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि जब 18 साल से कम आयु के छात्र या छात्रा नशा करती है, तो पुलिस उनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई करती है। इसके जवाब में पुलिस अफसर ने बताया कि कम आयु के कारण किसी भी अपराधी को कोई छूट नहीं मिलती है। ऐसे आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा जाता है।
आरव जोक्टा ने कार्यक्रम में सवाल पूछा कि किसी बच्चे को अगर अगवा किया जाता है, तो उस समय उसे को या करना चाहिए, जिससे उसे जल्द पुलिस की सहायता मिल सके। इसके जवाब में पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसा होने पर बच्चे को जोर-जोर से चिल्लाना चाहिए ताकि आसपास के लोगों को इसकी सूचना मिल सके। इसके बाद पुलिस ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
अंशिता ने पुलिस अधिकारियों से सवाल किया कि जब कोई व्यक्ति शराब पीकर छात्रों और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करता है, तो उस समय हम किस प्रकार से पुलिस की सहायता ले सकते हैं। उन्हें बताया गया कि ऐसा करने पर वह नजदीकी पुलिस स्टेशन में फोन करके जानकारी दे सकते हैं, जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
थाना प्रभारी ब्रौ चमन नेगी ने बताया कि अमर उजाला फांउडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम सराहनीय पहल है। इस तरह के मंच विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और जागरूकता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।