फॉरेस्ट राईट एक्ट के तहत भूमि के निरस्त को रिव्यू हेतू डीसी के पास अपील दायर करते हुए लिप्पा के ग्?
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर के लिप्पा गांव के ग्रामीणों ने वर्ष 2020 में वन अधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाली भूमि के मामलों को निरस्त करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने प्रदेश उच्च न्यायालय में इसको लेकर अपील की थी लेकिन मामला अभी भी कोर्ट मे लंबित पड़ा है।
वीरवार को जिलाधीश किन्नौर से मिलकर गांव के लोगों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत निरस्त 47 मामलों मामलों पर पुनर्विचार की मांग उठाई। ग्रामीण श्यामलाल नेगी ने बताया कि लिप्पा गांव के 47 ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम 2006 कानून के तहत मिलने वाली भूमि को जिलाधीश ने वर्ष 2020 में निरस्त कर दिया था। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने वीरवार को उपायुक्त आबिद हुसैन के पास एक अपील दायर कर दोबारा से जो भी पात्र लोग हैं, उन्हें भूमि प्रदान करने का आग्रह किया।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि लिप्पा के ग्रामीणों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत 47 ग्रामीणों के निरस्त मामलों के रिव्यू की अपील की है। इसकी समीक्षा की जाएगी और इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और अन्य तथ्यों को परखने के बाद जो भी संभव होगा, उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा।