हितधारकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने बैठक कर जताया रोष
विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का करना पड़ेगा रुख
जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल, अध्यापक-अभिभावक संघ और पूर्व छात्र आए एक मंच पर
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। राजकीय महाविद्यालय चौपाल में से वाणिज्य संकाय बंद करने के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को महाविद्यालय परिसर में स्थानीय हितधारकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से वाणिज्य संकाय को पुनः शुरू करने की मांग उठाई गई।
बैठक की शुरुआत सहायक आचार्या प्रियंका ठाकुर के स्वागत भाषण से हुई। महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य रवींद्र चौहान ने वाणिज्य संकाय को पुनः शुरू कराने के लिए सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि चौपाल जैसे दूरदराज क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए वाणिज्य संकाय अत्यंत आवश्यक है। इसके बंद होने पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ेगा।
जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, व्यापार मंडल तथा अध्यापक-अभिभावक संघ के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में वाणिज्य संकाय को बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यह संकाय क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य और शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दलवीर चंदेल ने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी शिक्षा मंत्री से चर्चा हुई है। शिक्षा मंत्री ने मामले पर सकारात्मक रुख अपनाने का आश्वासन दिया है। चंदेल ने उम्मीद जताई कि सरकार विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वाणिज्य संकाय को पुनः शुरू करेगी। बैठक में महाविद्यालय के समग्र विकास के लिए महाविद्यालय विकास समिति का भी गठन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना के तहत वाणिज्य संकाय को बंद करने का प्रस्ताव है। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ेगा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक और शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करना होगा। प्राचार्या कन्या नेगी ने कहा कि महाविद्यालय के हितों और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
बैठक में चांजू पंचायत के ग्राम प्रधान, व्यापार मंडल चौपाल के प्रतिनिधि, अध्यापक-अभिभावक संघ, पूर्व छात्र संघ के सदस्य तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने वाणिज्य संकाय को पुनः बहाल करने की पुरजोर मांग की।