पराला और भट्टाकुफर मंडियों में 3,000 से 4,000 रुपये प्रति पेटी तक दाम
उत्पादन कम रहने के अनुमान के बीच अच्छे दाम से नुकसान की भरपाई की उम्मीद
कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों से पहुंच रही उपज, जुलाई के अंत में बढ़ेगी आवक
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहडू)। फल मंडियों में अर्ली वैरायटी के सेब और नाशपाती की आवक शुरू हो गई है। सीजन के शुरुआती दौर में बागवानों को अपनी उपज के उत्साहजनक दाम मिल रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता वाले फलों की एक पेटी चार हजार रुपये तक बिक रही है।
पराला और भट्टाकुफर जैसी मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाले अर्ली वैरायटी के सेब और नाशपाती 3,000 से 4,000 रुपये प्रति पेटी तक बिक रहे हैं। सामान्य गुणवत्ता के फलों के दाम 1,000 से 3,000 रुपये प्रति पेटी के बीच मिल रहे हैं। शुरुआती दौर में आवक कम होने के कारण गुणवत्तायुक्त फलों की मांग बनी हुई है, जिसका सीधा लाभ बागवानों को मिल रहा है।
बागवानों का कहना है कि इस वर्ष सेब का उत्पादन सामान्य वर्षों की तुलना में काफी कम रहने का अनुमान है। उत्पादन घटने से मंडियों में फलों की आपूर्ति सीमित है, जिसके कारण बेहतर गुणवत्ता वाले फलों को आकर्षक दाम मिल रहे हैं। उनका मानना है कि यदि यही स्थिति पूरे सीजन में बनी रही तो कम उत्पादन से होने वाले नुकसान की भरपाई अच्छे दामों से हो सकती है।
फिलहाल कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों से अर्ली वैरायटी के सेब और नाशपाती मंडियों में पहुंच रहे हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह से मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों से भी सेब की आवक शुरू होने की संभावना है। इसके बाद मंडियों में फलों की आमद बढ़ेगी और बाजार की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। बागवानों को उम्मीद है कि पूरे सीजन में मांग बनी रहने पर उन्हें लाभकारी मूल्य मिलेगा।