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पहले दिन अपेक्षा से कम बच्चे पहुंचे स्कूल

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पदम छात्र स्कूल खुलने के बाद कक्षाएं लगाते छात्र। - फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर। कोविड मामलों में गिरावट होने के बाद भले ही सरकार ने स्कूलों में ऑफलाईन कक्षाओं की अनुमति दी हो, लेकिन कोविड का डर अभी भी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में देखा जा सकता है। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में पेश आए कोविड-19 के मामलों के बाद भी स्कूल पहुंचने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को पदम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में केवल 10 प्रतिशत छात्र ही कक्षाएं लगाने पहुंचे। हालांकि स्कूल न आने वाले विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं सुचारू रूप से चलीं।
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लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार से रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्कूल खुले। रामपुर के पद्म वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में केवल 10 प्रतिशत छात्र ही कक्षाएं लगाने पहुंचे। स्कूल में कोविड गाइड लाइन के तहत पढ़ाई करवाई गई। इस समय आठवीं से 12वीं तक के छात्रों को ही स्कूल में ऑफलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की गई है। ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह सुचारू रूप से चल रही हैं। माइक्रो प्लान के तहत कक्षाओं को सुबह और शाम का सत्र चलाया जा रहा है।
जमा दो की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे, जबकि जमा एक की कक्षाएं 12:30 बजे से शुरू की जा रही हैं। कोरोना संक्रमण का खतरा अभी भी बरकरार है। इसे देखते हुए अधिकतर अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रंहे। पद्म छात्र स्कूल में कक्षा 6 से जमा दो तक 650 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं पद्म छात्र स्कूल के सभागार में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को रखा गया है। इस कारण यहां कक्षाएं लगाना संभव नहीं है। ये मशीनें यहां करीब डेढ़ माह तक रहेंगी। ऐसे में यदि 10 नवंबर से अन्य कक्षाएं भी सुचारू रूप से चलाई जाएंगी तो स्कूल पहुंचने वाले छात्रों को परेशानियां झेलनी पड़ सकती है।
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स्कूल के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार गुप्ता ने बताया कि सोमवार को केवल 10 प्रतिशत छात्र ही कक्षाएं लगाने स्कूल पहुंचे। ऑनलाइन कक्षाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
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