स्टाफ के कमी से सात पंचायतों के ग्रामीणों को उपचार के लिए होना पड़ रहा परेशान
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10 साल से नर्स, एक साल से फार्मासिस्ट और लैब तकनीशियन के पद रिक्त संवाद न्यूज एजेंसी नित्थर(कुल्लू)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नित्थर में स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। नित्थर अस्पताल लंबे समय से मात्र एक डॉक्टर के सहारे चल रहा है। इससे नित्थर तहसील की सात पंचायतों के ग्रामीणों को उपचार के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्टाफ न होने के कारण मरीजों की पर्ची बनाने से लेकर उपचार तक का काम एकमात्र डॉक्टर को देखना पड़ रहा है। मरीजों को दवाइयां देने से लेकर मरहम-पट्टी कराने का कार्य भी एक डॉक्टर के हवाले है। वहीं, सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी को लेकर लोगों में भारी रोष है। अस्पताल में फार्मासिस्ट और नर्स के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही हैं।
अस्पताल में क्षेत्र की देहरा, नित्थर, दुराह, कुठेड़, लोट, शिल्ली और पलेही पंचायत से रोजाना मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। 15 साल पहले इस अस्पताल में दो डॉक्टर, एक नर्स, लैब तकनीशियन और एक फार्मासिस्ट सेवाएं दे रहे थे। आज न तो नर्स है और न फार्मासिस्ट। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक को सब कुछ खुद ही करना पड़ रहा है। ड्रेसिंग से लेकर दवाइयां देने का काम खुद डॉक्टर कर रहे हैं। ग्रामीण बेहतर उपचार के लिए यहां से कई किलोमीटर दूर खनेरी अस्पताल रामपुर या फिर आईजीएमसी शिमला जाना पड़ रहा है।
विभाग में स्टाफ की कमी चल रही है। एडजस्टमेंट के लिए भी अभी स्टाफ उपलब्ध नहीं है। उम्मीद है कि जल्द ही नित्थर अस्पताल में स्टाफ की तैनाती होगी। डॉ. नागराज, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग कुल्लू