किन्नौर जिले के पर्यटक स्थल छितकुल में दो दिन बर्फबारी के बाद सोमवार को धूप खिलने के बाद खूबसूरत ?
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सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में रविवार रात से जारी बर्फबारी सोमवार दोपहर तक चली। इससे जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में 75 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। जिले की 71 सड़कें बर्फबारी से बाधित हैं, जबकि कई इलाकों में रविवार से अंधेरा पसरा है। जमा देने वाली ठंड में हजारों लोग दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं। इससे समूचे जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
जिले के पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 6 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 3.2 डिग्री, जबकि पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम 7 और न्यूनतम -3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सभी ग्रामीण रूटों पर एचआरटीसी की बसों की आवाजाही ठप हो गई है। बर्फबारी के कारण 56 रूटों पर बसों की आवाजाही नहीं हो सकी है, जबकि जिले की 71 सड़कें बर्फबारी से बंद हैं। पोवारी से पूह और चौरा तक ही एचआरटीसी की बसें चल रही हैं। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण विद्युत बोर्ड के 20 ट्रांसफार्मर बंद हैं। इसमें दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
रविवार रात से भावानगर में 15, कुन्नोचारंग में चार और पर्यटन स्थल सांगला में अंधेरा पसरा है। कंपकंपा देने वाली ठंड में ग्रामीण बिना बिजली परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टीसी नेगी ने कहा कि जिले में लगातार हो रही बर्फबारी से कई स्थानों में विद्युत लाइनों में तकनीकी खराबी आ गई है। बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी विद्युत बहाल करने में जुटे हैं। परिवहन निगम की अड्डा प्रभारी रामबीर सैन ने कहा कि बर्फबारी के चलते सोमवार को किसी भी ग्रामीण रूटों पर एचआरटीसी की बसों को नहीं भेजा गया। मार्ग बहाल होते ही निगम की बसों की आवाजाही हो पाएगी।
लोक निर्माण विभाग भावानगर के एक्सईएन राहुल सूद और एसडीओ कल्पा अशोक नेगी ने कहा कि बार- बार बर्फबारी से सड़कें अवरुद्ध हो रही हैं। सड़कों को बहाल करने के लिए विभाग ने 18 जेसीबी मशीनें और मजदूर तैनात किए हैं।