किन्नौर के उरनी के पास सतलुज नदी पर बना पुल पत्थर गिरने से हुआ क्षतिग्रस्त। संवाद
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सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ दरकने का सिलसिला जारी है। इससे जिले के लोग खौफजदा हैं। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भूस्खलन होने से कई घंटों तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। उरनी में पहाड़ से चट्टानें गिरने से पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इस वजह से पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं निगुलसरी में एक बार फिर पहाड़ दरकने से वाहनों की आवाजाही थम गई है।
जिले के राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच पर उरनी ढांक के समीप सुबह करीब 8:45 बजे पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानें गिर गई। इससे नेशनल हाईवे प्राधिकरण का 180 फीट लंबा वैली पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। चट्टानों के गिरने से उरनी पुल की दो प्लेटें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके चलते यातायात ठप हो गया है और लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों प्लेटों को जोड़कर दोपहर करीब डेढ़ बजे पुल को दुरुस्त कर आवाजाही शुरू करवाई। वहीं निगुलसरी के समीप थाच नाले में सोमवार सुबह करीब 8 बजे ऊपरी पहाड़ी से चट्टानें गिरने और भूस्खलन होने से राष्ट्रीय उच्च मार्ग 2 घंटे तक बंद रहा। सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने मशीनरी लगाकर कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे को बहाल करवाया।
पागल नाले का जलस्तर बढ़ा, एक घंटे बाधित रहा हाईवे
पागल नाले में सुबह के समय जलस्तर बढ़ने से एनएच-पांच करीब एक घंटे तक बंद रहा। सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे प्राधिकरण की मशीनरी ने मलबे को हटाकर बाधित मार्ग को बहाल किया और वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई।
नेशनल हाईवे प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता ने बताया कि सोमवार सुबह पुल की दो प्लेटें चट्टानों की चपेट में आने से टूट गई थी। इसे दोपहर को दुरुस्त कर यातायात बहाल किया गया।
डेढ़ बजे से पुल पर वाहनों की आवाजाही करवाई गई है। ेगी ने बताया कि बारिश के वजह से राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 जगह-जगह बंद था, जिसे दोपहर को बहाल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब किन्नौर से शिमला की तरफ सभी वाहनों की आवाजाही बराबर हो रही है।