रामपुर बुशहर। हिमाचल भवन एवं सड़क निर्माण मजदूर यूनियन जिला कमेटी शिमला ने मनरेगा और निर्माण मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं और पंजीकरण में हो रही देरी के खिलाफ रामपुर में श्रम कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। यूनियन ने चेताया कि अगर मनरेगा और निर्माण मजदूरों की मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो 1 से 12 अगस्त तक गांव स्तर पर प्रचार अभियान चलाया जाएगा और 13 अगस्त को श्रमिक कल्याण कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन होगा।
सीटू के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, निर्माण मजदूर यूनियन शिमला जिला महासचिव अमित, सचिव रणजीत ठाकुर, हरदयाल, कश्मीरी और हिमाचल किसान सभा निरमंड अध्यक्ष देवकीनंद ने कहा कि चार जुलाई से सात जुलाई तक शिमला जिले में खंड स्तर पर श्रमिक कल्याण बोर्ड कार्यालय पर निर्माण मजदूरों को मिलने वाले लाभों में और बोर्ड में मजदूरों का पंजीकरण देरी से होने के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार मजदूरों के पैसों का राजनीतिक प्रचार-प्रसार के लिए प्रयोग कर रही है। बोर्ड द्वारा कल्याणकारी योजनाओं का जो लाभ मजदूरों को मिलना है, वह समय पर नहीं मिल रहा है।
छात्रवृत्ति सहायता राशि करीब दो साल के बाद, शादी सहायता राशि करीब 7 से 8 महीने के बाद, चिकित्सा सहायता करीब छह महीने के बाद और अन्य सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देरी से मिल रहा है। यूनियन ने श्रम एक्ट और प्रवासी मजदूर कानून को दूसरे कानूनों में मर्ज न करने, काम के घंटों में बढ़ोतरी पर रोक लगाने की मांग उठाई है।
श्रम कानूनों में किए गए बदलाव पर रोक लगाने, मुफ्त राशन और स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने, सभी मजदूरों को 7,500 रुपये 6 महीने तक नकद आय मदद प्रदान करने, मनरेगा में 200 दिन का रोजगार और 350 रुपये दिहाड़ी देने, पंजीकृत निर्माण मजदूरों को लाभ जल्द जारी करने, महिला मजदूरों को वाशिंग मशीन पूर्व की तरह बहाल करने और पेंशन की राशि 3,000 रुपये करने
निर्माण मजदूरों के पंजीकरण की प्रक्रिया सरल और इसे 15 दिन में पूरा करने, निर्माण बोर्ड के सभी कार्यालय में डाटा ऑपरेटर और रिक्त स्टाफ की भर्ती करने की मांग की है। प्रदर्शन में राजपाल, मोहर सिंह, सतीश, अजय शर्मा, शोभा राम, मिथुराम, अंकुश, दुर्गानंद, बुध राम, नीरथ राम, रामकुमार और रामलाल सहित अन्य उपस्थित रहे।