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Rampur Bushahar News: सिंचाई कूहल टूटने से सूखे खेत, धान और गेहूं पर मंडरा रहा खतरा

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कुर्पण खड्ड सिंचाई योजना दुरूस्त न होने से किसानों की बढ़ी परेशानियां। संवाद
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छह महीने से कुर्पण कूहल क्षतिग्रस्त
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. कोयल और बायल गांव लाल धान और बासमती लोकल चावल के लिए हैं मशहूर
. सैकड़ों किसान परेशान, संकट में कृषि, ग्रामीणों की आर्थिकी को झटका
हितेश भारती
नित्थर( कुल्लू)।
नित्थर उप तहसील की गड़ेज पंचायत के कोयल और बायल गांव की सिंचाई कूहल छह महीने पहले बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस कूहल को आज दिन तक ठीक नहीं किया गया है। इससे दो गांवों के करीब चार हजार बीघा खेत अब सूखने लगे हैं। धान की फसल बर्बाद हो गई है और गेहूं की फसल पर भी खतरा मंडरा रहा है। कोयल और बायल गांव के क्यार पूरे आउटर सिराज में मशहूर हैं। यह जगह धान और गेहूं की फसल के लिए जानी जाती है। लाल धान और बासमती लोकल चावल की खुशबू से घाटी महकती है। इन फसलों से ही यहां के किसान अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रहे हैं। गड़ेज पंचायत के इन दोनों गांवों में करीब 4 हजार बीघा जमीन पर धान और गेहूं, साग, सब्जी, सेब की नर्सरी, अदरक, लहसुन और प्याज की खेती कूर्पण खड्ड की सिंचाई कूहल पर निर्भर है। कूहल के क्षतिग्रस्त होने से किसानों की फसल बर्बाद होने की चिंता बढ़ गई है, वहीं जल शक्ति विभाग नित्थर इसकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
सिंचाई के लिए पानी न आने से किसान चिंतित : प्रधान
गड़ेज पंचायत के प्रधान दारा सिंह कायथ ने कहा कि कूर्पण खड्ड की सिंचाई कूहल से खेतों में सिंचाई के लिए पानी न आने से किसान चिंतित हैं। यह कूहल पिछले साल बरसात के दौरान जुलाई में क्षतिग्रस्त गई थी। उसके बाद अभी तक विभाग इसको जोड़ नहीं पाया है। समस्या को लेकर एक साल पहले उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भी रामपुर में मिले थे। उन्होंने इसको ठीक करने के निर्देश जल शक्ति विभाग को दिए थे। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे किसान बर्बादी के कगार पर है, वहीं दुग्ध उत्पादक भी परेशान है। क्योंकि इन क्यारों से पशु के लिए चारा मिलता है। ग्रामीणों ने गायें पाली हुई हैं। कई ग्रामीणों के पास एक से ज्यादा गायें हैं, इनके लिए चारे की दिक्कतें पशु पालक झेल रहे हैं। मनोज ठाकुर, लकी कायथ, पवन ठाकुर, मयंक गोस्वामी, संतोष कुमार और सुमेश सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सरकार और विभाग शीघ्र समस्या का समाधान करें।
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पिछली साल यह जोड़ दी गई थी। भारी बरसात के कारण कई जगह कूहल की जमीन कट गई है। इसका एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, टेंडर लगा दिया जाएगा। दो साल से हो रही भारी बरसात के कारण इस कूहल को भारी नुकसान झेलना पड़ा है, जिसका खामियाजा किसान झेल रहे हैं। विभाग कूहल को दुरुस्त करने के लिए प्रयासरत है। - प्रकाश भारद्वाज, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग नित्थर
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