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Rampur Bushahar News: प्रशासन और पशुपालन विभाग की अनदेखी से जा रही बेसहारा पशुओं की जान

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बजट न मिलने से बिना चारे मौत के मुंह में समा गए कई पशु, गोशाला प्रबंधन समिति ने प्रशासन पर लगाए समय रहते बजट न देने के आरोप
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50 पशुओं की क्षमता वाली गोशाला में जिले भर से सैकड़ों पशु पहुंचा चुके हैं लोग


बीरबल नेगी

सांगला(किन्नौर)। जिले में बेसहारा पशु सड़कों पर दम तोड़ रहे हैं। प्रशासन और पशुपालन विभाग की अनदेखी से पशुओं को अकाल जान गंवानी पड़ रही है। बीते एक माह में चारे, देख-रेख और अन्य सुविधाओं के अभाव में करीब दस पशुओं की मौत इस हालत में हुई है। जिले के रारंग पानंग स्थित गोशाला के भीतर और बाहर सड़क पर मृत व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। किन्नौर जिले के वांगतू काफनू मार्ग पर कई वर्षों से रारंग पानंग के पास गोशाला चल रही है। इस गोशाला में करीब 50 पशुओं की देखभाल करने की व्यवस्था है। वर्ष 2022 से इस गोशाला का संचालन श्रीमहेश्वर गौशाला प्रबंधन समिति भावावैली की ओर से किया जा रहा है। नवंबर 2023 से गोशाला में रखे पशुओं के चारे, पशुओं की देखभाल के लिए तैनात कर्मचारियों को वेतन के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है। गोशाला चलाने के लिए पशुपालन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से प्रति पशु सात सौ रुपये की राशि वहन की जाती है। नवंबर माह से बजट जारी न होने के कारण गोशाला का संचालन करना समिति के लिए परेशानियों भरा हो गया था। मार्च माह तक समिति ने अपने स्तर पर सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाईं, लेकिन अंत में बजट के अभाव में समिति के लिए गोशाला का संचालन मुश्किल हो गया। समिति ने यहां रखे पशुओं को चारे की कमी देखते हुए भावावैली के मुलिंग कंडे में छोड़ दिया, जबकि गोशाला में तैनात कर्मचारी भी वेतन न मिलने के कारण यहां से चले गए। अब बजट का प्रावधान हो गया है, लेकिन अब न गोशाला संचालन हो पा रहा है और न ही कोई कर्मचारी है। जिले भर से लोग यहां पशुओं को ला रहे हैं, जिन्हें चारे और देखभाल की सुविधा नहीं मिल रही। चारे, पानी और देखरेख के अभाव में पशु लगातार मरते जा रहे हैं।
बजट नहीं मिलने के कारण बंद किया गोशाला का संचालन

श्री महेश्वर गोशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष देव सिंह नेगी ने बताया कि गोशाला संचालन के लिए नवंबर माह से बजट नहीं मिला। समिति ने मार्च माह तक अपने स्तर पर चारे की व्यवस्था की और कर्मचारियों को वेतन दिया। बजट जारी न होने को लेकर एसडीएम भावानगर की अध्यक्षता में 19 दिसंबर को जांच कमेटी गठित की गई, लेकिन एसडीएम ने जांच रिपोर्ट अप्रैल माह तक उपायुक्त को नहीं सौंपी। अप्रैल माह में उपायुक्त और एसडीएम भावानगर को पत्र लिखकर समिति ने गोशाला संचालन बंद किया और चारे के अभाव में पशुओं को भावावैली के मुलिंग कंडे में छोड़ दिया। इसके बाद भी गोशाला में जिले भर से पशु लाए जा रहे हैं, जिनकी देखभाल नहीं हो रही।
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गोशाला का सही तरीके से हो संचालन

भाजपा मंडल अध्यक्ष निचार मदन नेगी, उपाध्यक्ष कुशकपाल नेगी, जिला सचिव देवा चारस नेगी, शक्ति सिंह नेगी, मियां राम नेगी, अजय नेगी, राजमन सिंह नेगी, नरेश नेगी सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि गोशाला का सही तरीके से संचालन किया जाए, ताकि बेसहारा पशुओं की अकाल मौत न हो।
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समिति का आपसी तालमेल न होने से गोशाला बंद की

गोशाला संचालन के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। गोशाला प्रबंधन समिति का आपसी तालमेल सही न होने के कारण गोशाला बंद की गई है, जिस कारण बेजुबान पशु अपनी जान गंवा रहे हैं।
-विमला वर्मा, एसडीएम भावानगर

- संवाद
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