रिकांगपिओ(किन्नौर)। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के जलशक्ति विभाग में हाल ही में पानी के बिल जमा करने के नाम पर हुए 27 लाख के गबन मामले में आरोपी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद कर्मचारी के खिलाफ यह कार्रवाई अमल में लाई गईहै। कर्मचारी ने सरकारी पैसों को जल शक्ति विभाग की अनुशासन कमेटी के माध्यम से जमा कर दिया है।
गौरतलब है कि नियंत्रक महा लेखा परीक्षक ने जल शक्ति विभाग कार्यालय रिकांगपिओ में किए ऑडिट में यह खुलासा हुआ था। इसमें पता चला था कि वर्ष 2012 से जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में बैठे विभाग के कर्मचारी जिले के लोगों से पानी का बिल वसूल करते थे। मगर विभाग के कोषागार में यह रकम जमा नहीं करवाई जाती थी। मामला सामने आने के बाद विभाग ने मामले की विभागीय जांच शुरू की और इसके बाद अब कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
जल शक्ति विभाग के एक्सईएन रिकांगपिओ संजय कौशल कहा कि पानी के बिल जमा करने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न हो, इसके लिए विभाग ने एक अनुशासन कमेटी का गठन भी किया गया है, जो जल शक्ति विभाग के विभागीय अनियमितताओं पर पैनी नजर रखेगी।