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पेयजल किल्लत के बाद अब सिंचाई को तरसे किसान

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सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के शीत मरुस्थल पूह में पेयजल किल्लत के बाद अब फसलों की सिंचाई के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं। पूह क्षेत्र के सैकड़ों किसान-बागवानों को नकदी फसलों की सिंचाई के लिए परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। सूखे के कारण उठाऊ सिंचाई योजना हांफ गई है। वहीं विद्युत के अघोषित कटों ने किसानों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। एक तरफ सूखे की मार पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ दिन में 4-5 बार बत्ती गुल होने से परेशान हैं।
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गौर हो कि वर्ष 2018 में ग्राम पंचायत पूह के लिए सतलुज नदी के नजदीक शेलचे नामक जगह से पूह नाले तक एक उठाऊ सिंचाई योजना बनाई गई थी। देखरेख का जिम्म्मा एक निजी कंपनी को देकर पानी की सप्लाई तो की जा रही है। इन दिनों विद्युत के अघोषित कटों के चलते नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। तेज गर्मी के कारण फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। ग्राम पंचायत पूह खास में 117 और गार्डन कॉलोनी के 126 किसान-बागवान हर माह प्रति बीघा 1,000 रुपये के हिसाब से 6 लाख के करीब निजी कंपनी को अदा कर रहे हैं, लेकिन सिंचाई सुविधा से महरूम रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों सुशील साना, सुमन साना, देवेंद्र सिंह नेगी, सोनम नेगी, नरेंद्र नेगी और बलबीर सिंह नेगी सहित अन्यों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से सिंचाई सुविधा सुचारु रूप से उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने सिंचाई की अदायगी को माफ कर सूखा राहत राशि देने की मांग की है।
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उधर, उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि समस्या को लेकर जिला प्रशासन गंभीर हैं। ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी।
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