पीजी कॉलेज रामपुर में मांगों को लेकर भूख हड़ताल करते प्राध्यापक
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रामपुर बुशहर। एक माह से मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कॉलेज प्राध्यापकों ने सोमवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पीजी कॉलेज रामपुर में भी शिक्षक विरोध स्वरूप नौ जून तक भूख हड़ताल करने का फैसला लिया है। सोमवार को शिक्षकों की भूख हड़ताल के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई। इस दौरान सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक 24 से अधिक शिक्षक भूख हड़ताल पर बैठे रहे।
इकाई अध्यक्ष कैप्टन संदीप ठाकुर की अगुवाई में कॉलेज के प्राध्यापकों ने भूख हड़ताल का समर्थन किया है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार से यूजीसी का सातवां पे कमीशन जल्द लागू करने, एमफिल, पीएचडी की इंक्रीमेंट तुरंत बहाल करने और अनुबंध अवधि को सेवाकाल में जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षक बीते दो सप्ताह से मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं लेकिन सरकार और मंत्रियों से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंजाब सरकार द्वारा सातवां पे कमीशन लागू न करने का हवाला दिया जा रहा है, जबकि यूजीसी दिल्ली की सिफारिश के आधार पर कार्य करती है और शिक्षकों का 50 प्रतिशत वेतन यूजीसी से जारी होता है। उन्होेंने कहा कि एमफिल और पीएचडी इंक्रीमेंट सरकार ने 2013-14 में बंद कर दी है, जो तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के चलते शिक्षक आंदोलन करने को मजबूर हैं, जबकि हजारों विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम लटके हुए हैं। इससे विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इकाई पदाधिकारियों ने कहा कि अब शिक्षकों ने आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। इसको देखते हुए 10 जून को शिमला में सरकार के खिलाफ शिक्षक हल्ला बोलेंगे। इस मौके पर शिवाली ठाकुर, राजेश नेगी, आशा गर्ग, जितेंद्र साहनी, अनिता और प्रियंका ठाकुर सहित अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे।