समय पर नहीं हो रहे लोगों के कार्य, कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त बोझ
रतन लाल नेगी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में जिला कल्याण अधिकारी का पद पिछले एक साल से खाली चल रहा है। सांगला से तहसील कल्याण अधिकारी को ही अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। हैरानी की बात है कि मुख्यालय जिला किन्नौर में कल्याण विभाग में सरकारी कर्मचारी के नाम पर दो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के साथ तहसील कल्याण अधिकार ही काम कर रहे हैं।
कार्यालय का सारा काम तहसील कल्याण अधिकार बलवीर सिंह ठाकुर को ही करना पड़ रहा है। इनके पास मूरंग तहसील के अतिरिक्त कार्यभार भी है। निचार तहसील में कल्याण अधिकारी के सिवा कोई कर्मचारी नहीं है। कल्पा तहसील कल्याण विभाग के अधिकारी मनोज नेगी को पूह का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इनके पास भी कोई कर्मचारी नहीं है। सूत्रों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के दूसरे कल्याण विभाग में जरूरत से अधिक स्टाफ काम कर रहे हैं। इस कल्याण विभाग में 18 पद स्वीकृत होने पर भी 11 पद खाली पड़े हैं। इनमें दो तहसील वेलफेयर ऑफिसर, एक सुपरिंटेंडेंट, एक सीनियर असिस्टेंट और सात लिपिक के पद कई साल से खाली चल रहे हैं।
किन्नौर में बहनें सुख सम्मान निधि योजना के तहत अर्जी कल्याण विभाग के कार्यालय में पहुंची, लेकिन अभी तक 309 महिलाओं को ही 4500 रुपये 3 महीने की सम्मान निधि प्रदान की गई है। किन्नौर में कल्याण विभाग के पूह तहसील में 7 साल से तहसील कल्याण अधिकारी और तीन साल से मूरंग में तहसील कल्याण अधिकारी का पद रिक्त पड़ा है।
वहीं, जिला कल्याण विभाग रिकांगपिओ में 8500 पेंशनर्स को पेंशन दी जाती है और विभिन्न प्रकार के 17 सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को भी अमल में लाया जाता है। जैसे वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग राहत भत्ता पेंशन, विधवा, एकल नारी पेंशन, कुष्ठ राहत भत्ता, गृह निर्माण अनुदान, प्रोत्साहन राशि, विकलांग छात्रों की छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और वरिष्ठ विकलांग पहचान पत्र आदि। वहीं, सरकार की ओर से समय-समय पर प्रतियोगिताएं, सेमिनार और बैठकों का आयोजन भी करना पड़ता है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण जनता भी परेशानियांं झेल रही हैं।
रिक्त पदों का मामला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक और उपायुक्त किन्नौर के संज्ञान में है। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी को भी रिक्त पदों के बारे में ज्ञापन दिया गया है। बलवीर सिंह ठाकुर, जिला कल्याण अधिकारी एवं पर्यवेक्षक अधिकारी किन्नौर।