रामपुर में एचआरटीसी के चालक और परिचालक आरएम के तबादले को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए ।
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रामपुर बुशहर। परिवहन निगम शिमला-2 डिपो के आरएम के तबादले के विरोध में रामपुर डिपो के 300 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। शनिवार को तबादले के विरोध में रामपुर, रिकांगपिओ और रोहडू़ के सभी रूट ठप रहे। इस वजह से क्षेत्र के हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एचआरटीसी कर्मियों ने चेताया कि तुरंत प्रभाव से आरएम का तबादला रद्द किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।
शनिवार को विरोध स्वरूप कर्मचारियों आरएम के तबादले का रोष जताया और गेट मीटिंग की। रामपुर डिपो के करीब 300 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से, जहां आम लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी, वहीं पटरी पर लौट रही परिवहन निगम की आर्थिक सेहत भी इससे प्रभावित हुई है। परिवहन कर्मियों ने आरोप लगाया कि बिना कोई ठोस वजह से आरएम देवा सेन नेगी का तबादला निंदनीय है और इसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आरएम कर्मचारी हितैषी हैं और वह निगम प्रबंधन और सरकार के भले में ही कार्य कर रहे हैं। रोषजदा कर्मचारियों सरकार से परिवहन कर्मियों का ओवरड्यू भी जल्द जारी करने की मांग उठाई। रामपुर परिवहन निगम चालक संघ के अध्यक्ष धर्म सिंह ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी के हित में कार्य कर रहे आरएम शिमला का स्थानांतरण रद्द किया जाना चाहिए। राजनीतिक द्वेष के चलते परिवहन अधिकारी का तबादला शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि राज्य कार्यकारिणी के आदेशों तक हड़ताल जारी रहेगी। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन तबादला रद्द करने के साथ साथ कर्मचारियों का 33 माह का ओवरड्यू भी जारी करे। बसें नहीं चलने से एचआरटीसी डिपो को हर रोज होने वाली करीब सात लाख रुपये की कमाई भी प्रभावित हुई है।
अड्डा प्रभारी भाग चंद ने बताया कि सुबह सात बजे के बाद एचआरटीसी की सभी बस सेवाओं को रोक दिया गया है। बस सेवाओं से एचआरटीसी को प्रतिदिन सात लाख रुपये की कमाई होती है। हालांकि सुबह सात बजे शिमला और अन्य लांग रूटों पर बस सेवाएं भेजी गई है।