जिले के तीनों खंडों से विभाग के पास पहुंची 50409 पौधों की मांग
इस माह के अंत तक जिले में पहुंचेगी पौधों की खेप
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर का सेब अपने स्वाद और लाभकारी गुणों के लिए जाना जाता है। जिले में सेब उत्पादन लोगाें की आर्थिकी का मुख्य जरिया है। यहां उगने वाला सेब ठोस रहता है और अन्य क्षेत्रों के अलावा यहां का सेब लंबे समय तक टिकता है। उद्यान विभाग किन्नौर भी जिले में सेब की आधुनिक किस्में जिले के बागवानों को उपलब्ध करवा रहा है। इस वर्ष जिले के तीनाें विकास खंड से विभाग के पास 50,409 पौधाें की मांग आई है। इस माह के अंत तक जिले में सेब की पौध पहुंच जाएगी। उद्यान विभाग जिला किन्नौर ने पहली बार जिले में सेब के पौधों की 26 नई किस्मों की नर्सरी तैयार की है। अब तक अनुमान के अनुसार, लगभग 35,000 पौधे विक्रय योग्य आंके गए है। यह पौधे उद्यान विभाग की निचार, काफनू, किल्बा, बोक्टु, ज्ञाबुंग, रिब्बा और पूह स्थित नर्सरी में तैयार किए गए हैं। इन पौधों को तीनों विकास खंडों के विभिन्न उद्यान प्रसार केंद्राें के माध्यम से आवंटित किया जाएगा, जिन्हें जिले के बागवानों को जनवरी के दूसरे सप्ताह से उपलब्ध करवाए जाएगा। अभी जमीन में पौधरोपण के लिए पर्याप्त नमी उपलब्ध नहीं है और पौधरोपण का कार्य जिले में जनवरी से अप्रैल तक किया जा सकता है।
किन्नौर के तीनों विकास खंडों कल्पा से 16,215, निचार से 16,607, पूह से 17587 पौधों की मांग उद्यान विभाग जिला किन्नौर को प्राप्त हुई है। इसके अलावा अन्य जिलों के विभागीय नर्सरी में तैयार पौधों का आवंटन निदेशालय की ओर से इस जिले को मांग के अनुसार की गई है, जिन्हें महीने के अंत तक जिले में पहुंचाया जाएगा। हालांकि, मांग के अनुसार पौध सामग्री विभाग के पास उपलब्ध है। अतिरिक्त मांग को विश्व विद्यालय नौणी के विभिन्न नर्सरी से और निजी पंजीकृत नर्सरी से भी आपूर्ति कर बागवानों को उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
गत वर्ष 2024-25 में सर्दियों में बागवानों के लिए विभिन्न सेब की विभिन्न किस्मों के साथ अन्य फलों काे तैयार किया है। इसमें किन्नौर के बागवानों को घरद्वार पर सेब और अन्य फलों के पौधे मिलेंगे। इसमें नाशपाती, प्लम, बादाम, खुमीनी, आडू, अखरोट, हैजलनट इत्यादि की उत्तम किस्मों के पौधे मिल सकेंगे। किन्नौर जिले के अलावा उद्यान विभाग ने दूसरे जिलों की पौधशालाओं से भी सेब की 32 विभिन्न किस्मों के पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। शरद काल में उपलब्ध मूल वृत्त किस्में (बड-9, बड-10 बड-118, एमला-7, एमला-9, एमला-26, एमला-27, एमला-106 मार्क, एम-7 एम-9, एम-9टी-337 एम-106 और एमला-111) भी बागवानों के लिए मांग अनुसार उपलब्ध करवाई जाएगी। शरदकालीन फलपौध की मांग बागवान अपनी जरूरत के अनुसार नजदीकी उद्यान प्रसार केंद्रों पर दर्ज कर सकते हैं।
किनौर उद्यान विभाग ने पहली बार जिले में सेब की 26 विभिन्न किस्मों को तैयार किया है। तीनों ब्लॉकों के बागवानों की करीब 50409 सेब की पौधे का मांग विभाग के पास आई है। जनवरी माह के दूसरी सप्ताह से किन्नौर के बागवानों को पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। उद्यान विभाग ने दूसरे जिलों में 32 किस्मों की नर्सरियों तैयार की है, जो बागवान इच्छुक हैं, वे खरीद सकते हैं।
-डॉ भूपेंद्र सिंह नेगी, उप निदेशक उद्यान विभाग किन्नौर