इशिका गौतम
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के तहत आने वाली शिंगला पंचायत में रामपुर और अन्य क्षेत्र के लोगों के सुविधा के लिए बना हेलीपोर्ट एक साल से बंद है, जिससे लोगों आपातकालीन सुविधा नहीं मिल पा रही है। शिंगला में करोड़ों की लागत से बने हेलीपोर्ट में पिछले साल दिसंबर से सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ी हैं। सेंटर गवर्नमेंट की योजना उड़ान-2 के तहत दूरदराज के दुर्गम क्षेत्रों को हेली सेवाओं से जोड़ने के लिए हिमाचल में कई हेलीपोर्ट का निर्माण किया गया। अपन शिमला के दुर्गम क्षेत्रों के लिए भी शिंगला में हेलीपोर्ट बनाया गया, लेकिन अब यहां से पर्यटकों और लोगों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। 2021 में शिंगला हेलीपैड को हेलीपोर्ट का दर्जा दिया गया। रामपुर व्यापारिक दृष्टि से चार जिलों का मुख्य केंद्र है। यहां शिमला, मंडी के करसोग, कुल्लू के सिराज क्षेत्र और किन्नौर जिला के लोगों का आना-जाना रहता है। इसके अलावा यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
तीन दिन मिलती है सेवा
जानकारी के अनुसार, हेली सेवाएं सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार और वीरवार को चलती थीं। कुछ समय से ये सेवाएं तीन दिन भी नहीं चल रही हैं। हेलीपोर्ट खोलने का मुख्य उद्देश्य हेल्थ इमरजेंसी के दौरान रोगियों को आईजीएमसी शिमला, पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स में समय से उपचार मिल सके। मरीजों के साथ-साथ जल्दी पहुंचने वाले यात्रियों के लिए भी हेली सेवाएं लाभदायक हैं। हेली सेवा से रामपुर से 15 मिनट में शिमला पहुंच सकते हैं। बस में रामपुर से शिमला पहुंचने में तीन घंटे लगते हैं, जिससे यात्रियों के समय की भी बर्बादी होती है। यहां से रामपुर, शिमला, चंडीगढ़ और किन्नौर रूटों पर हेली सेवाएं दी जाती हैं।
जल्द शुरू की जाए हेली सेवा
क्षेत्र के ग्रामीणों में लवनीश, दिनेश, कृष्ण कुमार, मीरा और रामदासी ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द हेली सेवाओं को फिर शुरू करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को हेली सेवा का फायदा मिल सके।
हेली सेवा पर्यटन विभाग के अधीन
एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि हेलीपोर्ट सेवाएं बंद होने की अभी तक कोई जानकारी नहीं है। यह पर्यटन विभाग के अधीन है।
शिंगला पंचायत में बना हैलीपोर्ट