ग्रामीणों को उपचार के लिए झेलनी पड़ रहीं परेशानियां
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के कंधों पर आठ पंचायतों का स्वास्थ्य
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्वाड़ में पिछले एक साल से डॉक्टर नहीं हैं, जबकि दो सालों से फार्मासिस्ट का पद भी नहीं भरा जा सका है, जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र का दायित्व केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के कंधों पर है, जो सिर्फ बुनियादी कार्यों को ही पूरा कर पा रहा है, जबकि परीक्षण जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं का संचालन ठप हो गया है। हजारों लोगों का स्वास्थ्य रामभरोसे है।
श्वाड़ स्वास्थ्य केंद्र आठ पंचायतों की लगभग 15 हजार की जनसंख्या को सेवाएं प्रदान करता है, जिसमें रोपा, मुंडदल, पोखरी, मुहान, कराड़, कोटासेरी, विशलाधार और मंडी जिले के महोग, गोबालपुर जैसी पंचायतें शामिल हैं। इन पंचायतों के लोग उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र श्वाड़ पर निर्भर हैं, लेकिन डॉक्टर की कमी के कारण उन्हें 15 किलोमीटर दूर अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे समय और धन की बर्बादी के अलावा मरीजों को इलाज में भी देरी हो रही है। स्वास्थ्य केंद्र में टेस्ट की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन चिकित्सक के पद रिक्त होने के कारण इन सुविधाओं का भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। पिछले साल इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र की जनता ने स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल से शिमला में मुलाकात की थी, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
तिलक राज शर्मा, राम सिंह, हेमराज, सुभाष, सिंघु राम सहित अन्य लोगों ने सरकार से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्वाड़ में डॉक्टर की तैनाती करने की मांग की है। उधर, बीएमओ आनी डॉ भागवत मेहता का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्वाड़ में डॉक्टर और फार्मासिस्ट के रिक्त पदों की सूचना आलाधिकारियों को दे दी गई है।